Uttarakhand: उत्तराखंड में फटा बादल बना काल, दर्जनों इलाकों में भारी तबाही, टूरिस्ट होटलों में घुसा पानी, टूट गए ब्रिज, देखें तबाही के मंजर के कई वीडियो, घायलों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री धामी पहुंचे अस्पताल,पानी में डूब गया जौलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश का इमरजेंसी वार्ड

August 20, 2022 by No Comments

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उत्तराखंड में बादल फटने से मची तबाही के वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। देर से हो रही बारिश से जन जीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। भारी संख्या में जनहानि की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक अब तक दो दर्जन से अधिक लोग लापता हो गए हैं और कई लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल पूछा है।

दूसरी ओर रेस्क्यू के दौरान SDRF ने दो शव भी बरामद किए हैं। देहरादून कंट्रोल रूम से लगातार ड्रोन के माध्यम से नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को देहरादून सहित गढ़वाल संभाग में भारी बारिश के बाद हुई तबाही को देखते हुए अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री शाम को मैक्स अस्पताल पहुंचें और भर्ती घायल आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना एवं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बता दें कि देहरादून में कल से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण हजारों लोग बेघर हो गए हैं और चारो तरफ तबाही मची हुई है। बताया जा रहा है कि कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। अचानक रिहायशी इलाकों में पानी घुसने कारण होटल भी जलमग्न हो गए हैं। फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

इन इलाकों में मची है भारी तबाही
दून से सटे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश में ज्यादा तबाही मचाई है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक अधिकांश आपदा से हताहत और सड़क सहित अन्य भारी नुकसान की सूचनाएं टिहरी, मालदेवता, मसूरी, धनौल्टी, यमकेश्वर से आ रही हैं। कई रास्ते जनपद मुख्यालय से कट चुके हैं। राहत बचाव और खाद्य सामग्री के लिए ऑपरेशन एसडीआरएफ स्थानीय प्रशासन की मदद से लगातार किया जा रहा है। इसी के साथ डीजीपी ने जानकारी दी कि लापता लोगों को खोजना ही पहली प्राथमिकता है। पशु हानि भी खूब हुई है। टिहरी गढ़वाल के मालदा, मालदेवता, धनौल्टी, ग्वाल जैसे क्षेत्रों में ये घटनाएं हुई हैं। यहां कई गांव में तबाही मची है। जहां पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

इन इलाकों में जनहानि मकान टूटने और पशु हानि भी काफी हुई है। यमकेश्वर में लैंडस्लाइडिंग की वजह से एक व्यक्ति के दबने सूचना भी सामने आई है। टिहरी जनपद के कई मुख्य मार्ग बुरी तरह टूट चुके हैं। तोता घाटी, देवप्रयाग के रास्ते नुकसान के कारण बंद हो चुके हैं। वहीं, चंबा का रास्ता टूटने की वजह से देहरादून और टिहरी की तरफ आने वाले आवाजाही को मसूरी की तरफ से डायवर्ट किया गया। अभी तक 2 शवों के बरामद की के अलावा 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बता दें कि अभी भी सर्च आपरेशन जारी है और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को उपचार के लिए अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटीं हैं।

SDRF ने सम्भाला मोर्चा
एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के मुताबिक टिहरी, मालदेवता, मसूरी जैसे इलाकों में बादल फटने के कारण मची तबाही की पहली सूचना देर रात 2:18 पर SDRF कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई थी। उसी के बाद से अलग-अलग स्थानों में टीमें रवाना कर लगातार रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। मसूरी के धनौल्टी ग्वाल में भवन दबने से 7 लोगों की दबने की सूचना में कार्रवाई करते हुए दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मिश्रा ने खुद इस पूरी घटना में लोगों को बचाने के लिए मोर्चा संभाल रखा है। वह खुद आपदा से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र में मालदेवता में रेस्क्यू आपरेशन की कमान संभाले हुए हैं। वहीं, दूसरी और उन्होंने वाहिनी मुख्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारियों के साथ-साथ SDRF कंट्रोल रूम को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसी के साथ जो पुल आदि टूटने की वजह से लोग फंस गए हैं, उनको भी निकाला जा रहा है।