Covid-19: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने लिखा राहुल गांधी को पत्र, “स्थगित करो भारत जोड़ो यात्रा”, पढ़ें पूरा लेटर, देखें डाक्टर की सलाह का वीडियो, चीन में जानें क्या है स्थिति
एक बार फिर से कोरोना का हौव्वा सताने लगा है। देश भर के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की ओर से अलर्ट जारी कर दिया है। इसी के साथ भारत जोड़ो यात्रा को लेकर देश भर में पैदल भ्रमण को निकले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक लेटर लिखकर उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है। इसी के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न कर पाने की स्थिति में यात्रा को स्थगित करने के लिए भी लिखा गया है। वहीं दूसरी ओर डा. मेहुल भट्ट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारत के लिए कोरोना की स्थिति के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
इसी के साथ ट्विटर पर इस समय #CovidIsNotOver ट्रेंड कर रहा है और चीन से आ रही खबरों की मानें तो चीन ने जीरो कोविड नीति में जैसे ही छूट दी, वैसे ही देश भर में संक्रमण और मौतों के मामले बढ़ गए हैं। अब देखना ये है कि राहुल गांधी स्वास्थ्य मंत्रालय के लेटर पर क्या कदम उठाते हैं। वह कोरोना प्रोटोकॉल के तहत यात्रा शुरू रखते हैं या फिर यात्रा स्थिगित करते हैं। बता दें कि वर्तमान में वह राजस्थान में हैं और उनकी यात्रा के 100 दिन पूरे हो गए हैं। जनवरी में वह उत्तर प्रदेश पहुंचने वाले हैं और इसी दौरान सामने आ रही कोरोना की खबरों ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है।
राजधानी बीजिंग में दो मरीजों की मौत की खबर भी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने चार दिसंबर के बाद से कोविड-19 से किसी की मौत न होने का दावा किया था जबकि अनौपचारिक खबरों में संक्रमण के मामले बढ़ने की बात कही गयी थी। दो और मरीजों की मौत के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने पिछले तीन साल में कोविड-19 से 5,237 लोगों के जान गंवाने की जानकारी दी है और संक्रमण के मामलों की संख्या 3,80,453 बतायी है जो अन्य प्रमुख देशों से कहीं कम है।
इसी के साथ ये भी खबर सामने आ रही है कि चीन में सरकार की ओर से जीरो-टालरेंस वायरस पॉलिसी में ढील दिए जाने के कारण कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप काफी बढ़ गया है और यहां के नर्सिंग होम इस समय बुजुर्ग नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। चिकित्सा केंद्रों ने अपने आप को बाहरी दुनिया से अलग-थलग कर रखा है और कर्मचारी कार्यस्थल पर ही सो रहे हैं।
चिकित्सा केंद, दवाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। उधर, अधिकारियों ने इस संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर चेतावनी जारी की है। उद्योग मंत्रालय के अधिकारी झोउ जियान ने बुधवार को कहा कि देश प्रमुख दवाओं के उत्पादन में तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों को डर है कि सरकार की ओर से दी गयी ढील के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और संक्रमण तेजी से फैलेगा क्योंकि लाखों कमजोर बुजुर्ग लोगों का अभी भी पूरी तरह से टीकाकरण नहीं किया गया है।
शंघाई के स्कूलों में पढ़ाई हो रही है ऑनलाइन
चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई के अधिकांश स्कूलों को कोविड के मामले बढ़ने के बीच ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का आदेश दिया गया है, एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई के एजुकेशन ब्यूरो के मुताबिक सोमवार से नर्सरी और चाइल्ड केयर सेंटर भी बंद हो गए। चीन की शून्य-कोविड रणनीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की लहर के बाद इस महीने की शुरूआत में चीनी अधिकारियों द्वारा प्रतिबंधों में ढील दी गई थी। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सख्त लॉकडाउन में ढील देने से चीन में कोविड के प्रसार पर चिंता बढ़ गई है। बीबीसी ने बताया- देश के कोविड टेस्टिंग और रिपोटिर्ंग सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलावों से यह जानना मुश्किल हो गया है कि वायरस कितना व्यापक हो गया है। लेकिन देश भर में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों और गहन देखभाल सुविधाओं की स्थापना के साथ अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
शनिवार को चीनी सोशल मीडिया साइट वीचैट पर पोस्ट किए गए एक बयान में, शंघाई के शिक्षा ब्यूरो ने घोषणा की थी कि सोमवार से अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय ऑनलाइन शिक्षा की ओर बढ़ेंगे। जिन छात्रों और बच्चों के पास वैकल्पिक चाइल्डकैअर व्यवस्था नहीं है, वे स्कूल जाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि मौजूदा कोरोना वायरस रोकथाम उपायों के अनुरूप शिक्षकों और छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उपाय किए जा रहे हैं। शून्य-कोविड रणनीति में छूट के बाद, देश भर में कोरोना का विस्फोट हुआ है, कई शहरों में खामोशी है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग घर पर अलग-थलग हैं, या तो कोविड से बीमार हैं या संक्रमित होने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
यहां देखें वीडियो, डा. मेहुल भट्ट क्या दे रहे हैं सलाह