UP Basic Shiksha: प्रदेश के इस जिले में जमकर हो रहा है “निपुण भारत” के भोजन में कमीशनबाजी का खेल, ट्रेनिंग करने वाले शिक्षकों को परोसा जा रहा घटिया खाना, टीचर्स में आक्रोश, देखें क्या बोले BSA
कानपुर (अर्चना शर्मा)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना निपुण भारत के भोजन में कमाशन का खेल जमकर हो रहा है। इसकी खबर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सामने आई है। शिक्षकों का आरोप है कि जो मेन्यू भोजन व नाश्ते के लिए तय किया गया है, उससे कम खाना व नाश्ता दिया जा रहा है। कभी मटर पनीर है तो उसके साथ सूखी सब्जी नहीं तो कभी केवल सूखी सब्जी और पूड़ी में ही निपटा दिया जा रहा है। तो वहीं नाश्ते में भी जमकर खेल किया जा रहा है। केवल चाय देकर खानापूर्ति की जा रही है। इसकी वजह से जिले के शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।
शिक्षकों का आरोप है कि ट्रेनिंग में खाना व नाश्ता देने के लिए टेंडर से माध्यम से वेंडर नियुक्त किया गया था। वेंडर तो दिल्ली का है, लेकिन खाना स्थानीय स्तर की ही एक संस्था बना कर दे रही है और ऊपर से लेकर नीचे कर जमकर कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। ये भी जानकारी सामने आ रही है कि जिले के करीब-करीब सभी ब्लाकों में एक ही वेंडर ने खाना व नाश्ता देने का ठेका ले रखा है। शिक्षकों ने ये भी आरोप लगाया है कि शासन द्वारा एक शिक्षक के लिए एक दिन का 200 रुपए निर्धारित किया गया है, लेकिन जो खाना व नाश्ता दिया जा रहा है, उसकी कीमत 50-60 रुपए से अधिक नहीं है। एक ब्लाक से तो ये भी शिकायत सामने आई है कि अगर शिक्षक दुबारा खाना मांग रहे हैं तो उनको मना कर दिया जा रहा है। मालूम हो कि ट्रेनिंग पिछले एक हफ्ते से चल रही है। चार दिन की ट्रेनिंग होनी है और 50 शिक्षकों का एक बैच निर्धारित किया गया है। जिले में करीब साढ़े पांच हजार से अधिकर शिक्षक व शिक्षामित्र बताए जा रहे हैं। इस हिसाब से अगर शिक्षकों के आरोपों की मानें तो लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं।

देखें क्या है मेन्यू
चार दिन की ट्रेनिंग के हिसाब से पहले नाश्ते में दिन चाय़ और ब्रेड पकौड़ा, दूसरे दिन चाय और पोहा, तीसरे दिन चाय और वेज पकोड़ी, चौथे दिन चाय और समोसा, तो वहीं भोजन में पहले दिन मटर-पनीर के साथ सूखी सब्जी, रायता, चावल, पूड़ी-कचौड़ी, मीठा, सलाद, सील बंद पानी की बोतल। दूसरे दिन मटर मसरूम, सूखी सब्जी, रायता, चावल, पूड़ी, कोई मिठाई, सलाद, सील बंद पानी की बोतल, तीसरे दिन मेन्यू में दाल मखनी, मिक्स वेज, रायता, चावल- रोटी, मीठा, सलाद सील बंद पानी की बोतल और चौथे दिन छोला, आलू भुजिया, रायता, चावल, पूड़ी- कचौड़ी, मीठा, सील बंद पानी की बोतल, तो वहीं चारो दिन शाम की चाय के साथ कुछ न कुछ स्नैक्स को निर्धारित किया गया है।
देखें क्या दिया जा रहा है
शिक्षकों के आरोपों की मानें तो उनको नाश्ते में केवल चाय और भोजन में केवल पूड़ी-सब्जी और चावल। मटर-पनीर है तो सूखी सब्जी गायब और सूखी सब्जी है तो अन्य कोई आइटम गायब। कुल मिलाकर केवल खाने के नाम पर खानापूर्ति ही की जा रही है। वहीं शाम को भी केवल चाय ही थमा दी जा रही है। इसी के साथ शिक्षक खाने की क्वालिटी भी खराब बता रहे हैं।
देखें क्या कहा शिक्षक नेता ने
एक शिक्षक नेता ने बताया कि इस सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से शिकायत भी की गई। जांच भी हुई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिवराजपुर, चौबेपुर, शास्त्री नगर सहित कई शिक्षक संगठनों ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को शिकायत की थी, लेकिन नतीजा बेअसर रहा। खाने की गुणवत्ता में भी कोई सुधार नहीं किया गया। इसी के साथ ये भी बात सामने आ रही है कि ट्रेनिंग में उन शिक्षकों को बुलाया ही नहीं गया, जो गलत देखने के बाद तुरंत आवाज उठाते हैं। शायद इसीलिए कि कहीं कमीशनबाजी के खेल की पोल न खुल जाए।
देखें क्या बोले जिला बीएसए
बीएसए (जिला बेसिक शिक्षाधिकारी) सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि टेंडर सभी ब्लाकों में खंड शिक्षाधिकारियों के स्तर से हुए हैं। मेरा काम केवल मॉनिटरिंग करना है। हाल हा में मै चौबेपुर, शिवराजपुर और नगर क्षेत्र में स्कूलों को चेक करने गया तो ट्रेनिंग के बारे में भी जानकारी ली तो शिक्षकों ने खाने की क्वालिटी ठीक बताई। रही बात शिकायत की तो मुझसे किसी शिक्षक संगठन ने शिकायत नहीं की। इसी के साथ यहां ये भी बता दूं कि टेंडर सभी ब्लाकों में करीब 119 से 120 रुपए में हुए हैं। वहीं भीतरगांव में तो मात्र 100 रुपए में ही टेंडर हुआ था। शासन से 200 रुपए दिए जाने की बात गलत है और कई ब्लाकों में ट्रेनिंग हो भी चुकी है। अगर कहीं मेन्यू के अनुसार खाना व नाश्ता नहीं दिया जा रहा है तो कल ही सभी खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टिकरण मांगा जाएगा और अगर किसी ब्लाक में भी खराब खाना परोसा जा रहा है, तो शिक्षक सीधे मुझसे शिकायत कर सकते हैं। तत्काल कार्रवाई की जाएगी।