अब डेंगू से डरने की जरूरत नहीं…भारत को मिली पहली Dengue Vaccine; जानें डोज व कीमत से लेकर पूरी जानकारी

July 24, 2026 by No Comments

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Dengue Vaccine: बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और इस मौसम में सबसे अधिक डर भारतीयों को मच्छरों के काटने और उनसे होने वाले डेंगू का रहता है लेकिन अब इस डर को भगा देने का समय आ गया है क्योंकि देश को पहली डेंगू वैक्सीन (dengue vaccine) मिल गई है.

भारतीय दवा नियामक (CDSCO) ने हाल ही में इस सम्बंध में एक जानकारी शेयर करते हुए बताया कि देश की पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (Qdenga) के इस्तेमाल को आधिकारिक तौर पर अनुमति दे दी गई है. इसको हेल्थ से जुड़े क्षेत्र में भारत के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. (India first dengue vaccine)

किसकी है खोज?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘क्यूडेंगा’ (TAK-003) को वास्तव में जापानी कंपनी ‘टाकेडा’ द्वारा खोजा गया है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इसका उत्पादन देश में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत किया जाएगा. इसको लेकर टाकेडा ने हैदराबाद की फेमस फार्मा कंपनी ‘बायोलॉजिकल ई’ के साथ समझौता किया है. भारत में बनने के कारण इसकी सप्लाई तेज गति से होगी और कोई बाधा आने का भी सवाल नहीं.

रेट क्या होगा?

हालांकि अभी तक इसकी कीमत को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. चूंकि भारत में ही बनेगी इसलिए माना जा रहा है कि आम जनता के बजट के अंदर ही होगी. बाजार में इसके आने के बाद एहतियात के तौर पर शुरू के 6 महीनों तक लोगों पर इसके असर को लेकर पूरी तरह से निगरानी में रखा जाएगा.

क्यों है इतनी खास?

जानकारों की मानें तो चार अलग-अलग स्ट्रेन डेंगू के होते हैं. चूंकि ये एक ‘टेट्रावेलेंट’ वैक्सीन है, इसलिए यह डेंगू के इन चारों रूपों से कड़ाई से मुकाबला कर सकती है. तो वहीं पहले कुछ वैक्सीन्स के साथ यह जरूरी शर्त होती थी कि वे केवल उनको ही लगाई जा सकती हैं, जिनको जीवन में कम से कम एक बार डेंगू हो चुका हो, लेकिन Qdenga के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है. यानी अगर आप पहले कभी भी डेंगू के शिकार नहीं हुए हैं तो भी यह वैक्सीन पूरी तरह से आपके लिए सुरक्षित और असरदार है. यह न सिर्फ डेंगू होने से रोकती है, बल्कि बीमारी के गंभीर होने और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत को भी काफी हद तक टाल देती है.

इसके लिए जो क्लिनिकल ट्रायल्स किया गया है उसके नतीजे दावा करते हैं कि इस वैक्सीन को लेने वाले 90% से अधिक लोगों में एंटीबॉडीज बनीं.

WHO ने भी दी है मान्यता

ये वैक्सीन दुनिया के 40 से अधिक देशों में इस्तेमाल की जा रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से भी मान्यता मिल चुकी है.

किनको लग सकती है और कैसे?

भारतीय दवा नियामक के निर्देश की मानें तो ये वैक्सीन 4 साल के छोटे बच्चों से लेकर 60 साल तक के वयस्कों को भी लगाई जा सकती है तो वहीं अगर खुराक की बात करें तो इसके कुल दो डोज लगाए जाते हैं. पहला इंजेक्शन जब लग जाता है तो ठीक 3 महीने बाद इसका दूसरा डोज दिया जाएगा. इसे सबकटेनियस इंजेक्शन के रूप में बांह में ही लगाया जा सकता है.

क्या है कोई साइड इफेक्ट्स?

ये वैक्सीन भी किसी अन्य टीके की तरह ही आम है. इससे घबराने की जरूरत नहीं. इसके साइड इफेक्ट्स भी बहुत ही मामूली हैं. हल्का बुखार इंजेक्शन लगने के बाद आ सकता है और सिरदर्द भी हो सकता है अथवा सुई वाली जगह पर थोड़ा दर्द और सूजन भी महसूस हो सकती है. इसको लेकर अभी तक गंभीर मामले बहुत ही दुर्लभ हैं.

जरूरी है बचाव के परम्परागत तरीके

एक्पर्ट कहते हैं कि वैक्सीन जरूर आ गई है. ये बेहद राहत की बात है लेकिन फिर भी मच्छरों को दावत देने वाली सभी चीजों से सतर्क रहना होगा. डॉक्टर्स ने चेतावनी दी है कि ‘अतिरिक्त सुरक्षा चक्र’ के रूप में वैक्सीन जरूर है, लेकिन हमें अपने घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई रखनी होगी. मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. घर के आसपास व कूलर में बारिश के दौरान पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव के लिए वो सभी सावधानी बरतें जो अभी तक बरतते आ रहे हैं.

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