Food Poisoning: फूड पॉइजनिंग से निजात पाने के लिए अपनाएं ये तीन घरेलू उपाय, तत्काल पाएं राहत, देखें क्या वजह होती है फूड पॉइजनिंग की

September 16, 2022 by No Comments

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अक्सर ऐसा होता है कि जो हम खा रहे हैं, उसी से कभी-कभी फूड पाइजनिंग हो जाती है, जिससे न हमारा मन कुछ खाने का करता है और न ही हमारा शरीर राहत महसूस करता है। कभी-कभी तो लूज मोशन व उल्टी की शिकायत भी हो जाती है। अगर बात करें फूट पॉइजिनिंग की परिभाषा की तो यह पेट से संबंधित एक संक्रमण है जो कि स्टैफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया, वायरस या अन्य जीवाणुओं के चलते हो सकता है। यह बैक्टीरिया, वायरस या अन्य जीवाणु हमारे खाने के साथ पेट में चले जाते हैं जिसकी वजह से फूड पाइजनिंग जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है।

फूड पॉइजनिंग के दौरान अक्सर पेट में ऐंठन, उबकाई / बीमार महसूस करना, भूख में कमी, उल्टी, दस्त (जिसमें खून या बलगम हो सकता है), कमजोरी, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना आदि की शिकायत मरीज को हो जाती है। अगर बात करें फूड पॉइजनिंग के कारण की तो इसकी वजह खाना ही है।


अर्थात दूषित भोजन से होने वाली एक बीमारी ही फ़ूड पॉइजनिंग कहलाती है। फूड प्वाइजनिंग के अधिकांश मामले कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों में फूड प्वाइजनिंग होने से रोकने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि इससे इनको काफी नुक्सान पहुंचता है और ठीक होने में भी काफी समय लग जाता है।

फूड पॉइजनिंग से राहत पाने के लिए हमारे आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव कुछ घरेलू उपाय भी बता रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि अगर समस्या गम्भीर हो तो आप अपने डाक्टर से भी सलाह अवश्य लें, लेकिन साथ ही घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं, क्योंकि घरेलू उपाय कभी नुकसान नहीं करते।

देखें उपाय
नींबू का सेवन करें- नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं। इसलिए इसे पीने से फूड पॉइजनिंग वाले बैक्टीरिया मर जाते हैं। आप खाली पेट नींबू-पानी बनाकर पी सकते हैं या चाहें तो गर्म पानी में नींबू निचोड़ें और पी जाएं।

सेब के सिरके का सेवन करें- सेब के सिरके में मेटाबालिज्म रेट को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। खाली पेट इसका सेवन करने पर यह भी खराब बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं।

तुलसी का सेवन करें- तुलसी में मौजूद रोगाणुरोधी गुण सूक्ष्म जीवों से लड़ते हैं। तुलसी का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। एक कटोरी दही में तुलसी की पत्तियां, कालीमिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर खा सकते हैं। पानी व चाय में भी तुलसी की पत्तियां डालकर पी सकते हैं।