Sugar:जल्द बूढ़ा होने से बचना है तो त्याग दें चीनी, जानें इससे कौन-कौन सी होती हैं 7 बीमारियां, मानें आयुर्वेदाचार्य की सलाह

August 6, 2022 by No Comments

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मीठा भला किसे पसंद नहीं होता। खासकर अगर आप भारतीय हैं तो तीज-त्योहारों में बनाए जाने वाले पकवान अधिकतर मीठे ही होते हैं। दूसरे यहां खाना खाने के बाद मीठा खाने का जो चलन है, उसके तो कहने ही क्या, लेकिन सेहत के लिए इस मीठाई पर कुछ ब्रेक लगानी भी जरूरी है। इसीलिए इस बार इस लेख के साथ हमारे आयुर्वेदाचार्य रोहित यादव आपको शुगर (शक्कर, चीनी) से होने वाली सात बीमारियों के बारे में बता रहे हैं, ताकि आप भी सम्भल जाएं और शुगर का कम से कम इस्तेमाल करना शुरू कर दें। खासतौर पर वो लोग तो शुगर लेना बिल्कुल बंद कर दें जो जल्दी बूढ़ा नहीं होना चाहते।

कई बीमारियों की जड़ मोटापे को माना गया है। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि जब हम शुगर खाते है तो हमारे बॉडी में लीपोप्रोटीन लिपोज बनता है, जिसकी वजह से हमारी कोशिकाओं में फैट जमा होने लगता है, नतीजतन हमें मोटापा घेर लेता है और हम बैठे-बिठाए तमाम बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।

समय से पहले बूढ़ा दिखना भी ज्यादा शुगर लेने का एक बड़ा साइड इफेक्ट है। जब हम ज्यादा मात्रा में शुगर खाते हैं तो यह बॉडी में इंफ्लेमेटरी इफेक्ट बनाती है जिससे त्वचा पर दाने निकलना, बूढ़ा होना और झुर्रियां पड़ने की समस्याएं हो सकती है।

ज्यादा शुगर का सेवन हार्ट अटैक या हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है, क्योंकि यह ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाती है, जो दिल के लिए घातक है।

जब हम किसी न किसी तरह से ज्यादा शुगर लेते हैं तो इसका सीधा असर प्रतिरक्षा तंत्र पर पड़ता है और वह कमजोर होता है। ऐसा होने पर बीमारियां हमें आसानी से घेर लेती हैं।

शुगर में कैलोरी के अलावा ऐसे कोई पोषक तत्व नहीं होते जो कि हमारे शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में मदद करें, इसलिए जब भी आप शुगर की मात्रा अधिक लेंगे, कुछ समय बाद आप ऊर्जा की कमी और आलस महसूस करने लगते हैं। यह स्थिति लंबे समय तक घातक हो सकती है।

अधिक शुगर का सेवन हमारे लीवर का काम बढ़ा देता है और शरीर में लिपिड का निर्माण बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में फैटी लीवर डिसीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

ज्यादा मात्रा में शुगर लेने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है जो दिमाग के लिए नुकसानदायक है। इस स्थिति में दिमाग तक सही मात्रा में ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता और दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता, जिससे मेमोरी लॉस भी हो सकता है।

(फोटो- सोशल मीडिया)