KMCLU: भाषा विश्वविद्यालय की छात्राओं का SGPGI और नेशनल सेन्टर फ़ॉर सेल साइंसेज में हुआ चयन, राष्ट्रीय रोजगार परीक्षा में बैठे सैकड़ों स्टुडेंट्स
लखनऊ। केएमसी भाषा विश्वविद्यालय (ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय) में कुलपति प्रो एनबी सिंह के मार्गदर्शन में अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के बीटेक विभाग के 4 विद्यार्थियों का इंटर्नशिप के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में चयन हुआ है। चतुर्थ वर्ष के चार विद्यार्थियों क्रमशः आकांक्षा मौर्य, अदिति सिंह, दीपशिखा तिवारी तथा संस्कृति यादव का चयन अलग अलग प्रतिष्ठित संस्थानों में हुआ है।
आकांक्षा का चयन नेशनल सेन्टर फ़ॉर सेल साइंसेज पुणे, महाराष्ट्र में हुआ है। यह संस्थान हर विश्वविद्यालय से सिर्फ एक विद्यार्थी का ही चयन प्रति वर्ष करता है। इसी क्रम में अदिति का चयन रीजनल सेन्टर फ़ॉर बायोटेक्नोलॉजी में हुआ है। इसके अलावा दीपशिखा तथा संस्कृति का चयन एसजीपीजीआई में हुआ है। इस अवसर पर संकाय के निदेशक प्रो एस के त्रिवेदी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये विद्यार्थियों के भविष्य के लिए एक सुअवसर है और इससे उनके ज्ञान में वृद्धि होगी। इसके साथ ही विभाग के इंचार्ज डॉ नदीम अंसारी, सह आचार्य डॉ ममता शुक्ला, सहायक आचार्य डॉ मानवेन्द्र सिंह तथा निधि द्विवेदी सहित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रीय रोजगार परीक्षा का आयोजन
वहीं ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय ने बुधवार को बीटेक अंतिम वर्ष और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय रोजगार परीक्षा का आयोजन किया। इसमें कुल 300 छात्र छात्राओ ने भाग लिया जिसमें बायोटेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विद्यार्थी शामिल रहे। यह परीक्षा इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो एसके त्रिवेदी एवं यूनिवर्सिटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की सदस्य निधि सोनकर द्वारा हायर मी संस्था के सहयोग से आयोजित करायी गई।
इस परीक्षा में वर्चुअल एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग, कंप्यूटर फ़ंडामेंटल, कम्युनिकेशन, पर्सनालिटी एवं उनके मौलिक क्षेत्र से प्रश्न पूछे गये। इस परीक्षा का स्कोरकार्ड जारी किया जाएगा जिससे विद्यार्थी अपना आत्म मूल्यांकन कर सकेंगे और साथ ही यह स्कोर कम्पनियो को ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट के लिए उपलब्ध कराये जा सकेंगे। इस परीक्षा को आयोजित कराने में डॉ आर के त्रिपाठी, डॉ ममता शुक्ला, उनी कृष्णा एवं सत्येन्द्र शुक्ला का विशेष योगदान रहा।