Lucknow News: मेजर सैय्यद अबुल क़ासिम की मजलिसे तरहीम 26 नवंबर को, डेंगू से हुई थी मौत, चीफ आफ डिफेंस स्टाफ की कर चुके थे परीक्षा उत्तीर्ण
लखनऊ। मौलाना सैयय्द सैफ अब्बास नकवी के भान्जे मेजर सै0 अबुल कासिम ज़ैदी जो कि जवानी मे इस दुनिया से चल बसे । भान्जे मेजर कासिम ज़ैदी अपने छोटे से जीवन में भारतीय फौज मे पहले लेफ्टिनेंट फिर कैप्टन का उहदा हासिल करते हुए भारतीय सेना में मेजर के पद तक पहुंचे थे और इस समय लद्दाख में तैनात थे।
मेजर अबुल कासिम बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में कड़ी मेहनत कर रहे थे। 23 साल की उम्र में बीटेक पूरा करने के बाद उसी साल भारतीय सेना में तैनात हुए। सेना में पदस्थापित होने के बाद भी वे लगातार परीक्षा देकर पदोन्नति के स्तर की ओर बढ़ रहे थे और इसी वर्ष उन्होंने चीफ आफ डिफेंस स्टाफ की परीक्षा उत्तीर्ण की, जिसके बाद करनल के उहदे को पाने वाले थे लिकिन आयु की कमी के कारण अभी यह पद नही मिला था।
22 अक्टूबर 2022 को अपने परिवार से मिलने के लिए छुटटी लेकर लद्दाख से घर आए इसी बीच वे डेंगू की बीमारी से पीड़ित हो गए और एक छोटी सी बीमारी के बाद उनका इंतेकाल हो गया। मेजर सैय्यद अबुल कासिम जैदी की मजलिस तरहीम दिनांक 26 नवंबर 2022 दिन शनिवार को छोटा इमाम बाड़े में रात 8ः30 बजे होगी मजलिस का आग़ाज़ तेलाबते कलामे पाक से होगा। शुअराए केराम मंजूम नजरानए अकीदत पेश करेंगें। मजलिस को मौलाना इमाम हैदर साहब (कनाडा) खेताब फरमाऐगें। इस मौके पर सभी मोमेनीन से शिरकत की गुज़रिश की गई है।