UP:लखनऊ के लुलु मॉल में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रबंधन ने लिया एक्शन, दर्ज कराई रिपोर्ट, देखें वीडियो, जानें क्या कहता है IPC
लखनऊ। उत्तर प्रदेश (UP) की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में खुले एशिया के सबसे बड़े मॉल लुलु मॉल में सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद मॉल प्रबंधन ने एक्शन ले लिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
बता दें कि यह वीडियो कल वायरल हुआ था और मामला भी कल का ही बताया जा रहा है। इसके विरोध में सोशल मीडिया पर #LuluMallLucknow वायरल किया जा रहा है। दरअसल कानून किसी भी ऐसी सार्वजनिक जगह पर पूजा-पाठ या नमाज नहीं पढ़ सकते हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में FIR दर्ज करा दी गई है। धारा 153A, 295A, 341 समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। बता दें कि सार्वजनिक स्थानों पर पूजा-पाठ, नमाज पर है पाबंदी है।
देखें क्या कहता है IPC (भारतीय दंड संहिता)
धारा 153A- धर्म, मूल, वंश जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना। विभिन्न धर्मों के बीच शत्रुता बढ़ाने वाले व्यक्ति को तीन साल का कारावास अथवा जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाता है। यह अजमानतीय मामला बनता है। पूजा स्थान के बारे में विभिन्न धर्मों के लोगों में शत्रुता बढ़ाने वाले व्यक्ति को पांच साल की कैद और जुर्माने से दंडित किया जाता है।
धारा 295A-किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना। किसी धर्म का अपमान करने के मकसद से किसी धार्मिक स्थान (मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा आदि) को नुकसान पहुंचाने वाले या अपवित्र करने वाले को दो वर्ष का कारावास या जुर्माने अथवा दोनों का दंड दिया जाता है।
धारा 341- सदोष अवरोध के लिए दंड। किसी व्यक्ति का सदोष अवरोध करना अथवा किसी व्यक्ति को आने-जाने से रोकने वाले व्यक्ति को एक माह की सादी कैद या 500 रुपए की जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाता है।