NEET UG Paper Leak Case-2024: मकान में छिपकर रह रहे थे पेपर साल्वर गैंग के मेम्बर… बिहार पुलिस ने झारखंड से छह लोगों को लिया हिरासत में
NEET UG Paper Leak Case-2024: नीट (यूजी) पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस के सामने लगातार नए खुलासे आ रहे हैं. अब पेपर साल्वर गैंग के सदस्यों के तार यूपी और झारखंड से जुड़े मिले हैं. फिलहाल ताजा खबर सामने आ रही है कि झारखंड के हजारीबाग, रांची और देवघर से भी पेपर लीक के मामले के ताल जुड़े मिले हैं. बिहार पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOU) ने शनिवार को देवघर शहर से इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया। ये सभी देवघर में किराए के मकान में छिपकर रह रहे थे. ये लोग बिहार के नालंदा के रहने वाले हैं.
देवघर शहर से जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उसमें सींटू नामक युवक भी शामिल है। खबर सामने आई है कि उसके साथ पांच अन्य लोग भी यहां पर रहे थे जो कि मजदूर बने हुए थे. बिहार ईओयू की टीम इनसे पूछताछ कर रही है। पेपर लीक में इनकी क्या भूमिका है, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि लीक हुए पेपर का सॉल्वर गैंग रांची और हजारीबाग से ऑपरेट कर रहा था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक बिहार पुलिस की टीम ने हजारीबाग में भी नीट (यूजी) के लिए बनाए गए परीक्षा केंद्रों की जांच की है।
अब तक की जांच में ईओयू को पेपर लीक के मास्टरमाइंड के रूप में सिकंदर यादवेंदु नामक जिस व्यक्ति का नाम सामने आया है, वह लंबे समय तक रांची में रहकर ठेकेदारी करता था। उसने रिम्स में भी मेंटेनेंस और रिपेयरिंग के छोटे-मोटे काम ठेकेदारी पर कराए थे। पता चला है कि वह रांची स्थित मेडिकल कॉलेज रिम्स के एक कॉटेज में वह अनधिकृत रूप से रह रहा था. उसने कोई डिप्लोमा कोर्स कर रखा था और बाद में वह किसी तरह बिहार के दानापुर नगर परिषद में जूनियर इंजीनियर के तौर पर बहाल हो गया, लेकिन रांची में उसके कनेक्शन हमेशा बने रहे.
मीडिया सूत्रों की मानें तो सिकंदर ने रांची और हजारीबाग में सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बना रखा था। लीक हुए पेपर इसी गैंग के लोगों ने सॉल्व कर व्हाट्सएप पर भेजे और इसके बाद जिन परीक्षार्थियों ने मोटी रकम दी थी उनको उत्तर रटवाए गए। कहा ये भी जा रहा है कि व्हाट्सएप के जिन नंबरों से पेपर और उनके जवाब का लेना-देना हुआ, उसके सिम भी फर्जी नाम से खरीदे गए थे और जैसे ही नीट का पेपर हो गया और काम खत्म हो गया, सभी सिम नष्ट कर दिए गए।