Nuclear Fusion Reaction Experiment: अब धरती पर ही होगा सूर्य, खत्म होगी कोयला-पेट्रोल पर निर्भरता, मिलेगी बेहिसाब ऊर्जा, लड़ेगा जलवायु परिवर्तन से भी, जानिए क्या है Nuclear Fusion Reaction, जानें फायदे
Nuclear Fusion Reaction Experiment: दिन पर दिन विज्ञान आगे बढ़ता जा रहा है और क्रांति की दिशा में कार्य कर रहा है. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि, अमेरिका के वैज्ञानिक नए ऊर्जा स्त्रोत को तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं जिसे धरती का ‘सूरज’ कहा जाएगा. यह पृथ्वी को बिना कोई नुकसान पहुंचाए बेहिसाब ऊर्जा देगा. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका के वैज्ञानिकों ने न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन में नेट एनर्जी गेन यानी कि NEG प्राप्त किया है. अगर इसे आम भाषा में समझें तो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन के दौरान जितनी ऊर्जा का इस्तेमाल होगा, उससे अधिक ऊर्जा की प्राप्ति या यूं कहें कि ऊर्जा को तैयार कर लिया जाएगा. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन से सुरक्षित, असीमीति और एकदम स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोत को खोजने की तैयारी चल रही है.
जानें क्या है न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन?
वैज्ञानिकों की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन या परमाणु संलयन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा दो हल्के परमाणु नाभिक(Atomic Nucleus)मिलकर भारी मात्रा में ऊर्जा छोड़ते हुए एक भारी परमाणु बनाते हैं. संलयन प्रतिक्रियाएं पदार्थ की अवस्था में होती हैं जिसे प्लाज्मा कहा जाता है-एक गर्म, आवेशित गैस जो सकारात्मक आयनों और मुक्त गति वाले इलेक्ट्रॉनों से बनी होती है जिसमें ठोस, तरल या गैसों से अलग अद्वितीय गुण होते हैं. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन सूरज और अन्य तारों में ऊर्जा पैदा करने का एक खास स्त्रोत है. इसी वजह से इसे धरती का सूर्य भी कहा जा रहा है.
दिसंबर में अमेरिका ने किया था पहली बार प्रयोग
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले साल दिसंबर में पहली बार न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को तैयार किया था. उसके बाद कैलिफोर्निया के लॉरेंस लिवरमोर राष्ट्रीय लेबोरेटरी के वैज्ञानिकों ने 30 जुलाई को नेशनल इग्निशन फैसिलिटी में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को दूसरे बार किया है. लेबोरेटरी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिसंबर की तुलना में इस बार अधिक ऊर्जा को तैयार किया गया है.
जानें क्या है फायदे
वैज्ञानिकों की मानें तो न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन में सफल होने के बाद दुनिया को एक ऐसा ऊर्जा स्त्रोत मिलेगा जो विश्व की ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करेगा. कोयले-पेट्रोल जैसे ईंधनों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. इसी के साथ जलवायु परिवर्तन से भी लड़ने में सहयोग करेगा. इसके अलावा, न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन से कोई प्रदूषण नहीं होगा क्योंकि यह एक स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोत है. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन को पर्यावरण के अनुकूल माना जा रहा है क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं करता है. न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्शन कभी न खत्म होने वाला ऊर्जा स्त्रोत है क्योंकि हाइड्रोजन का भंडार बहुत ही बड़ा है. इसके साथ ही इससे कोई रेडिएशन भी नहीं निकलता है. (फोटो और डिटेल सोर्स-सोशल मीडिया)