पाकिस्तान के ये बड़े आतंकी ठिकाने नेस्तानाबूत… मारे गए 100 से अधिक आतंकी…ये रहा सबूत-Video

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Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर ने किस तरह पाकिस्तान के आतंकियों की कमर तोड़ी इसको लेकर आज डायरेक्‍टर जनरल मिल‍िट्री ऑपरेशन ने दुनिया के सामने सबूतों के साथ जवाब दिया.

डीजीएमओ लेफ्ट‍िनेंट जनरल राजीव घई, डीजी एयर ऑपरेशंस एके भारती, डीजी नेवी ऑपरेशंस वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस ब्रीफिंग के जरिए पाक‍िस्‍तान पर किए गए पलटवार की एक-एक जानकारी शेयर की. इस प्रेस ब्रीफिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह पाकिस्तान की कायराना हरकत के बारे में भी बता रहे हैं.

डीजीएमओ लेफ्ट‍िनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बताया कि भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकानों हमले किए जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए.”

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का बयान और एक वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई पर वायरल हो रहा है. उन्होंने वीडियो दिखाते हुए अपने बयान में जानकारी देते हुए बताया है कि “इसने सीमा पार आतंकवादी परिदृश्य पर बहुत ही परिश्रमपूर्वक और सूक्ष्म स्तर पर कार्रवाई शुरू की तथा आतंकवादी शिविरों और प्रशिक्षण स्थलों की पहचान की।

कई जगहें सामने आईं, लेकिन जैसे-जैसे हमने और विचार-विमर्श किया, हमें एहसास हुआ कि इनमें से कुछ आतंकी केंद्र अब मौजूद नहीं थे और हमसे प्रतिशोध के डर से पहले ही खाली कर दिए गए थे. उन्होंने आगे बताया कि वहां 9 शिविर थे, जिनसे आप सभी परिचित हैं तथा हमारी विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने उसकी पुष्टि की। इनमें से कुछ PoJK में थे, जबकि कुछ अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे। उन्होंने साथ ही ये जानकारी भी दी कि लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके जैसे नापाक स्थानों ने वर्षों से अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे कुख्यात लोगों को जन्म दिया है।”

इन आतंकी ठिकानों पर भारत ने किया हमला

तो वहीं एक अन्य वीडियो को एएनआई द्वारा एक्स पर शेयर किया गया है जिसमें DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने बयान में कहा ” उन 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे लक्ष्य शामिल थे, जो IC814 के हाईजैक और पुलवामा ब्लास्ट में शामिल थे।

आगे उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया और हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया, दुर्भाग्यवश बड़ी संख्या में नागरिकों, बसे हुए गांवों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई।

उन्होंने ये भी बताया कि भारतीय वायुसेना ने इन हमलों में अहम भूमिका निभाई और इनमें से कुछ शिविरों पर हमला किया तथा भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों के मामले में साधन उपलब्ध कराए.”

मिसाइल के प्रभाव का प्रस्तुत किया विस्तृत वीडियो

एयर मार्शल ए.के. भारती ने मुरीदके ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आतंकी कैम्प पर मिसाइल के प्रभाव का विस्तृत वीडियो प्रस्तुत किया. तो वहीं DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने जानकारी दी कि “8-9 मई की रात को उन्होंने यानी (पाकिस्तान ने) सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान उड़ाए और कई सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के बड़े पैमाने पर असफल प्रयास किए। पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन फिर से शुरू हुआ और भीषण गोलाबारी हुई.”

सुबह तक जारी रहे पाकिस्तानी ड्रोन हमले

एयर मार्शल ए.के. भारती ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान की नापाक हरकतों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, “8 और 9 की रात को, 22:30 बजे से ही हमारे शहरों पर ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहनों का व्यापक हमला शुरू हो गया था. ये हमला श्रीनगर से शुरू होकर नलिया तक गया. हालांकि इसको लेकर हम पहले से ही तैयार थे और हमारी हवाई रक्षा तैयारियों ने ये तय कर लिया था कि जमीन पर या दुश्मन द्वारा नियोजित किसी भी लक्षित लक्ष्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देंगे.

इसी के साथ ही एक संतुलित प्रतिक्रिया के तहत हमने एक बार फिर गुजरांवाला में सैन्य प्रतिष्ठानों, निगरानी रडार स्थलों को निशाना बनाया. तो वहीं पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले सुबह तक जारी रहे. जिनका हमने डटकर मुकाबला किया।

उन्होंने ये भी बताया कि ड्रोन हमले लाहौर के निकट कहीं से किए जा रहे थे, दुश्मन ने अपने नागरिक विमानों को भी लाहौर से उड़ान भरने की अनुमति दे दी थी. इस तरह न केवल उनके अपने विमान, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय यात्री विमान भी, जो काफी असंवेदनशील था और हमें अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी.” इस तरह देखा जाए तो पाकिस्तान ने आम नागरिकों को ढाल बनाकर भारत पर हमला किया ताकि भारत किसी तरह का जवाब न दे सके और वह जमकर भारत के नागरिकों को मारता रहे. हालांकि भारतीय सेना ने बहुत ही सूझबूझ के साथ पाकिस्तानी हमले को रोका.

मारे गए करीब 40 जवान

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में उसके करीब 35 से 40 जवान मारे गए हैं. इससे पहले उन्होंने ये भी बताया कि कुछ हवाई क्षेत्रों और डंपों पर हवा से लगातार हमले हुए लेकिन भारतीय सेना ने सभी को विफल कर दिया।

मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “मैं अपने पांच शहीद साथियों और सशस्त्र बलों के भाइयों तथा नागरिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी। उन्होंने आगे कहा कि हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. उनके बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा. हमने अब तक बहुत संयम बरता है और हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उग्र रही है। वह आगे बोले कि हमारे नागरिकों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का निर्णायक बल से सामना किया जाएगा।”

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