Ramcharitmanas: रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का अपनी ही पार्टी में शुरू हुआ विरोध, देखें वीडियो
लखनऊ। श्रीरामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का अब अपनी ही पार्टी में विरोध शुरू हो गया है। सपा नेत्री डा रोली मिश्रा ने उनको घेरते हुए कहा है कि हो सकता है वह बसपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हों, हो सकता है कि घर वापसी करना चाहते हों, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी उनके बेटे को टिकट न देना चाहती हो। हो सकता है कि वह 2024 से पहले ही सपा पार्टी को बर्बाद कर निकल लें। तो वहीं मौर्य ने रोली का पलटवार करते हुए कहा कि न पिद्दी न पिद्दी का सूरबा, ऐसी बचकानी बयानबाजी करने वाले को जवाब देना मैं समझता हूं, ये मेरी तौहीन है।
बता दें कि हाल ही में सपा एसएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्मग्रंथ श्रीरामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है। तुलसीदास ने इसे अपनी खुशी के लिए लिखा था। करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते। उन्होंने सरकार से इस पर प्रतिबंध तक लगाने की मांग तक कर दी। मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए इसकी कुछ चौपाइयां हटवाने की मांग की थी।
इसी के बाद से पूरे उत्तर प्रदेश में उनका विरोध शुरू हो गया है। जगह-जगह उनके पुतले फूंके जा रहे हैं। एक अन्य बयान में उन्होंने संतों और महंतों पर भी विवादित टिप्पणी किया। इसी के बाद से न केवस संत व महंत बल्कि विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने भी विरोध किया है और कहा है कि समाजवादी पार्टी को इस पर सफाई देने में पसीना बहाना पड़ रहा है। बयान से उपजे विवाद की तपिश पार्टी के भीतर भी महसूस की जा रही है। हो सकता है ये उनकी सोच के लिए चौपाइयों लिखी हो दलितों के लिए नहीं, वो समाज को गुमराह कर रहे है, स्वामी प्रसाद मौर्य हिन्दू समाज मे दीवार खड़ी करना चाहते है, ये लोग मानसिक विकलांग हो चुके है और जनता सब समझती है इनके बहकावे में नहीं आने वाली। हालांकि इस पूरे मामले में अखिलेश यादव का कोई बयान सामने नहीं आया है। (फोटो-सोशल मीडिया)