गुरु गोविंद सिंह के दो बच्चों को चुनवा दिया गया संविधान के लिए नहीं धर्म के लिए उन्होंने अपने प्राण दे दिए.

सनातन धर्म के प्राचीन स्मृति ग्रंथ को श्रेष्ठ बता दिया था. इसी के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने चाय दुकान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.