तुम अपनी पत्नी के साथ पुत्रदा एकादशी को भगवान जनार्दन का भक्तिपूर्वक पूजन-अर्चन और व्रत करो तो तुम्हारा श्राप दूर हो जाएगा और तुम्हें अवश्य ही संतान की प्राप्ति होगी.
प्राचीन काल में महिष्मती नगरी में महीजित नाम का एक धर्मात्मा राजा शासन करता था. वह बहुत ही शांतिप्रिय, दानवीर और ज्ञानी थी.
इस दिन व्रत रखना भी अच्छा माना गया है. मान्यता है कि इस दिन व्रत-पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।