वह प्रतिदिन वृंदावन में अपने निवास स्थान से तड़के 2 बजे पदयात्रा करते हुए नंगे पांव श्री हित राधा केली कुंज जाते हैं.
परिवार को छोड़कर कभी भी भागना नहीं चाहिए.