परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों को निर्देशित कर दिया गया है कि इसके लिए पूर्व में उपलब्ध कराई गई डेस्क स्लिप व उपस्थिति पत्रक ही प्रयोग में लाए जाने होंगे।
स्वर्णप्राशन को स्वर्णभस्म, वचा, गिलोय, ब्राह्मी घृत, गौघृत, मधु आदि द्रव्य को मिलाकर कई घंटों के मर्दन के पश्चात तैयार किया गया है।
आज प्रदेश भर से छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने आना चाहता है।