इससे स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है. स्नान करते वक्त मन में एकाग्रता के साथ श्रीकृष्ण का सुमिरन करते रहें यानी नाम जप करें.
यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।
अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥
झाड़ू निकल जाने के पश्चात् घर के बाहर से आपको थाली बजाते-बजाते घर में प्रवेश करना है. कुछ इस तरह भाव करें जिस तरह मां लक्ष्मी आपके घर पधार रही है.
बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥
Govardhan Puja 2023: साल में प्रत्येक वर्ष दिवाली के अगले दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को…
अन्नकूट एक प्रकार से सामूहिक भोज का आयोजन है, जिसमें पूरा परिवार और वंश एक जगह बनाई गई रसोई से भोजन करता है।