इस समझौते का मुख्य उद्देश्य CCIs में रहने वाले बच्चों को शैक्षिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल विकास के लिए सहयोग प्रदान करना है।
आज के वैश्विक, जटिल और प्रतिस्पर्धात्मक व्यावसायिक वातावरण में छात्रों को केवल पुस्तक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यवहारिक अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता भी चाहिए और सिमुलेशन जैसी पहलें इसी दिशा में कारगर हैं।
बीटेक की छात्रा अनुष्का पांडेय का चयन बिजनेस डेवलपमेंट काउंसलर के पद पर 6.5 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है।
लखनऊ विश्विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट lkouniv.ac.in पर जाएं।
एमबीए कार्यक्रम, जिसे 1974 में शुरू किया गया था, अब तक 50 से अधिक बैचों के उद्योग-तैयार पेशेवरों को प्रशिक्षित कर चुका है.
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय एवं केंद्रीय प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनूप भारती ने चयनित छात्रों को बधाई दी.
बीमा के लिए प्रीमियम राशि विश्वविद्यालय द्वारा वहन की जाएगी तथा कर्मचारी को विभिन्न चिकित्सा उपचारों के लिए चिकित्सा व्यय के कवरेज के रूप में 4,00,000 रुपये तक का लाभ मिलेगा।
यह उपलब्धि मयंक के कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
उनका शोध सहनशील फसल किस्मों की पहचान करने और उनकी प्रतिरोधक क्षमता के तंत्र को समझने पर केंद्रित है, जो पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि प्रथाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।
इस दौरे से शैक्षिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलने और दोनों देशों के बीच स्थायी संबंध स्थापित होने की संभावना है।