जिस गाड़ी से बाबा सिद्दीकी चलते थे वो गाड़ी बुलेट प्रूफ थी. गाड़ी के बुलेट प्रूफ होने के बाद भी पिस्तौल से निकली गोली गाड़ी के शीशे को चीरती हुई बाबा सिद्दीकी को जा लगी.