इस दिन जरूरतमंद लोगों को या फिर योग्य ब्राह्मण को ऊनी वस्त्र, कंबल आदि व जूते-चप्पल का दान करना चाहिए. इससे पितृ दोष शांत होता है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.