लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसरगण एवं छात्र-छात्राओं ने वृहद वृक्षारोपण कर तथा सामूहिक पदयात्रा निकालकर विश्वविद्यालय में जागरूकता अभियान चलाया ।

न पूछो प्यास मिट्टी की, जो बरसें प्रेम की बूंदें, चटकती भूमि के भीतर मिलन की भोर हो जाए…” सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया.