गुरुवार को अगर माता का प्रस्थान हो रहा है. तो यह नर वाहन अर्थात पालकी पर प्रस्थान माना गया है. इसको देश-विदेश में संतुलित और मध्यम परिणाम देने वाला माना गया है. इस बार माता गुरुवार को यानी पालकी पर प्रस्थान कर रही हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि “समस्त देशवासियों को नवरात्रि की असीम शुभकामनाएं।
पालकी पर माता के आने का संकेत ये भी है कि प्रकृति अपने रूद्र रूप में जान माल का नुकसान कर सकती है.
वैदिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 03 अक्टूबर को देर रात 12 बजकर 18 मिनट से शुरू होने जा रही है.
दो वर्ष की कन्या का पूजन करने के बाद भोजन कराने से घर में दुख और दरिद्रता नहीं आती।
गुड़ और तिल के मिश्रण से बनाया जा सकता है। साथ ही यह खाने में भी बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं।