Navratri Puja Vidhi: नारियल के साथ रसगुल्ला और खीर…नवरात्रि के दौरान माता को लगाएं इन चीजों का भोग
Navratri Puja Vidhi: नवरात्रि के दौरान मां भगवती के नौ रूपों व प्रमुख अवतारों की पूजा की जाती है. साल में चार नवरात्र होती है, लेकिन आम जनमानस दो नवरात्र में ही व्रत और पूजा करते हैं.
एक नवरात्र चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक होता है तो दूसरा शारदीय नवरात्र होता है. वैसे दो दो गुप्त नवरात्रियां भी पड़ती हैं लेकिन वे आम जनमानस के लिए नहीं होती हैं. केवल चैत्र और शारदीय नवरात्रि में ही आम लोग पूजा-अर्चना करते हैं. सनातन धर्म को मानने वाले लोग नौ दिन तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आराधना करते हैं. इस दौरान नौ दिन तक व्रत रखकर कलश स्थापना पर मां भगवती की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करने से साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान साधक 9 दिनों तक उपवास करते हैं। इस दौरान अपनी इच्छा व समार्थ्य के अनुसार मां को भोग लगा सकते हैं लेकिन शास्त्रों में मां के प्रिय भोग का वर्णन भी किया गया है. ऐसा करने से व्यक्ति पर मां की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
मां को पसंद है ये भोग
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए आप खीर का भोग लगा सकते हैं। चावल की स्थान पर आप मखाने की खीर का प्रयोग भी कर सकते हैं।
तो वहीं मिठाई में आप मां दुर्गा को रसगुल्ले का भोग लगा सकते हैं। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर दया दृष्टि बनाए रखती हैं।
वहीं, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को नारियल की बर्फी का भोग भी लगा सकते हैं। इससे भी मां दुर्गा प्रसन्न होती है।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा को तिल के लड्डू का भोग भी लगाना चाहिए। इन्हें घर पर ही बड़ी आसानी से गुड़ और तिल के मिश्रण से बनाया जा सकता है। साथ ही यह खाने में भी बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं।
मालपुआ एक बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन है। इसे भी घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। ऐसे में आप मां दुर्गा को नवरात्र के दौरान मालपुआ का भोग जरूर लगाएं। इसके साथ ही आप घर पर हलवा बनाकर भी मां दुर्गा को अर्पित कर सकते हैं। माता दुर्गा को सूजी और मेवे से बने हलवे का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
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