श्वेतवृषे समारूढ़ा श्वेतांबर धरा शुचिः महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा.
शरीर व मन, दोनों ही शुद्ध होता है, तभी मां की कृपा भक्तों को प्राप्त होती है।
मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से घर के साथ ही मन में भी शांति बनी रहती है। इसी के साथ परिवार का कल्याण भी होता है।
दधना कर पद्याभ्यांक्षमाला कमण्डलम, देवी प्रसीदमयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा
Navratri Special: नवरात्र चाहे शारदीय हो या चैत्र, मां भगवती को दोनों ही नवरात्र के दिनों में एक से ही…
वंदे वांछित लाभाय चंद्रार्धकृत शेखराम।
वृषारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम।