आंगन में हौदी औधी रखी है, उसे जाकर खोल लो और जो कुछ भी मिले उसे आपस में बांटकर खा लेना.
कुछ तिथियों का समय से पूर्व एवं कुछ का बाद में समापन होने से कुछ भ्रम पूर्ण स्थिति हो सकती है.
आंगन में हौदी औधी रखी है, उसे जाकर खोल लो और जो कुछ भी मिले उसे आपस में बांटकर खा लेना.
कुछ तिथियों का समय से पूर्व एवं कुछ का बाद में समापन होने से कुछ भ्रम पूर्ण स्थिति हो सकती है.