चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.
कीर्ति गूंजने लगी जो कि धीरे-धीरे पीढी दर पीढ़ी उनकी कथा के माध्यम से आज भी लोग सावित्री के पतिव्रत धर्म के बारे में जान रहे हैं.
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.
कीर्ति गूंजने लगी जो कि धीरे-धीरे पीढी दर पीढ़ी उनकी कथा के माध्यम से आज भी लोग सावित्री के पतिव्रत धर्म के बारे में जान रहे हैं.