प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1988 में चीन यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में सुधार करने की शुरुआत की थी.
फिलहाल सवाल उठ रहा है कि आखिर धमाका कैसे हुआ? इसको लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। लेकिन मुझे इस समय उनके द्वारा किए जा रहे काम पसंद नहीं आ रहे हैं।