सरकार और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का यह परम दायित्व है कि उक्त वस्तु स्थिति व विषय को अति गंभीर मानते हुए अविलंब उक्त धाराओं को शिक्षा सेवा आयोग में पुनर्स्थापित करें।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रूप में शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, एम0एल0सी0 एवं नेता शिक्षक दल, अन्य पूर्व शिक्षक विधायकगण तथा अपर शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र कुमार तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहेगें।

उन्होंने बताया कि विभाग के लिपिक अथवा लेखाकार द्वारा सम्बन्धित विद्यालयों के कर्मचारियों के माध्यम से अथवा शिक्षक/शिक्षिकाओं को स्वंय फोन कर घूसखोरी की बात की जाती है.