स्वदेशी वस्तुओं के प्रति प्रेम, सशक्त भारत और वोकल फार लोकल की विस्तृत जानकारी और साथ ही छात्राओं को स्वावलंबी बनने के गुर दिए।
बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कीं, जिससे उनमें धैर्य और रचनात्मक सोच का विकास हुआ।
स्वदेशी वस्तुओं के प्रति प्रेम, सशक्त भारत और वोकल फार लोकल की विस्तृत जानकारी और साथ ही छात्राओं को स्वावलंबी बनने के गुर दिए।
बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कीं, जिससे उनमें धैर्य और रचनात्मक सोच का विकास हुआ।