कन्हैयालाल की हत्या मामले पर केरल के राज्यपाल एएम खान ने दिया बड़ा बयान, मदरसे में सिखाया जा रहा है ये “कानून”, भाजपा नेता राज्यवर्धन ने राजस्थान सरकार पर को ठहराया आरोपी, CM ने ली कानून व्यवस्था की बैठक, देखें वीडियो
राजस्थान के उदयपुर के मालदास स्ट्रीच एरिया में 28 जून को दिन दहाड़े गला रेत कर दर्जी कन्हैयालाल की हत्या मामले के बाद पूरे देश में उबाल है। लोग हत्यारोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं, तो वहीं दूसरे दिन बुधवार को जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की औऱ कड़ाई के साथ पूरे प्रदेश की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए।
तो वहीं भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने एएनआई को दिए बयान में इस पूरी घटना को आतंकी हमला बताया और राजस्थान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राजस्थान में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य में आतंकवादी संगठन पनप रहे हैं और राज्य सरकार ने उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उकसाया है। बता दें कि दर्जी कन्हैयालाल की हत्या दो लोगों ने सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उन्होंने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।
बता दें कि हाल ही में नूपुर शर्मा को पैगम्बर मोहम्मद पर दिए गए बयान के बाद भाजपा से निकाल दिया गया था और एक विशेष वर्ग उनके खिलाफ उतर आया था। तो वहीं सैकड़ों भाजपाई सहित हिंदू व ब्राह्मण वर्ग नूपुर शर्मा के पक्ष में रहा। गौरतलब है कि नूपुर के बयान के बाद ही 3 जुलाई को जुमे की नमाज के बाद कानपुर में भी माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद दूसरे जुमे (शुक्रवार) और तीसरे जुमे को भी देश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ था।
इसी कड़ी में कन्हैयालाल की हत्या कर एक बार फिर से देश का माहौल खराब करने की कोशिश कुछ आशांति प्रिय लोगों द्वारा की गई। बता दें कि कुछ दिन पहले ही कातिलों ने कन्हैयालाल को मारने की धमकी दी थी। इस पर उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने मामले की अनदेखी की। जबकि कन्हैयालाल ने इसी धमकी की वजह से कई दिनों तक दुकान भी बंद रखी थी।
देखें क्या कहा केरल के राज्यपाल ने
एएनआई को दिए बयान में उदयपुर मामले पर केरल के राज्यपाल एएम खान ने सवाल यह है कि क्या हमारे बच्चों को ईश-निंदा करने वालों का सर कलम करना पढ़ाया जा रहा है? मुस्लिम क़ानून कुरान से नहीं आया है, वह किसी इंसान ने लिखा है जिसमें सर कलम करने का क़ानून है और यह क़ानून बच्चों को मदरसा में पढ़ाया जा रहा है।