UP Assembly: पुरानी पेंशन बहाली पर वित्त मंत्री के इंकार के बाद सपा ने सदन से किया वाकआउट, स्पीकर ने ली चुटकी, देखें क्या कहा और जानें क्या रोड़ा अटका है इस मामले में
UP Assembly: यूपी विधानसभा मानसून सत्र लगातार तीसरे दिन भी भारी हंगामे के बाद भी जारी रहा. हालांकि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इंकार कर दिया तो वहीं सपा ने सदन से वाकआउट कर दिया तो वहीं इस मामले को लेकर स्पीकर ने भी सपा की चुटकी ले ली तो वहीं सुरेश खन्ना ने कहा कि, प्रदेश के 20 लाख से अधिक राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दे सकते.
प्रश्नकाल में सपा ने रखा था प्रश्न तो वित्त मंत्री ने भी दागा सवाल
प्रश्नकाल में सपा की ओर से अनिल प्रधान, जय प्रकाश अंचल और पंकज मलिक ने योगी सरकार से सवाल किया और पूछा कि क्या राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन सरकार लागू करेगी. अनिल प्रधान ने नई पेंशन योजना पर कहा कि यह कर्मचारियों के हित में नहीं है. वह बोले कि जो कर्मचारी 80 से एक लाख रुपए वेतन प्राप्त करते थे उनको अब मात्र तीन से चार हजार रुपए ही पेंशन मिल रही है. सपा के पंकज मलिक ने मुजफ्फरनगर का उदाहरण देते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर निवासी रामदास नौकरी के दौरान 80 हजार रुपए वेतन मिल रहा था लेकिन अब उनको पेंशन के रूप में मात्र 3200 रुपए ही मिल रहे हैं. तो वहीं पुरानी पेंशन बहाली मामले में सुरेश खन्ना ने कहा कि राज्य कर्मचारियों के संगठनों की सहमति से ही नई पेंशन लागू की गई थी. नई पेंशन योजना में 9.32 फीसदी से अधिक ब्याज मिल रहा है और यही कहने के बाद उन्होंने पुराना पेंशन देने से इंकार कर दिया.
सपा की तरफ उछाला ये सवाल
सपा की ओर से प्रश्नकाल के दौरान पुरानी पेंशन को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब देने से पहले सपा की ओर सवाल ही उछाला और बोले कि जब यह पेंशन योजना अप्रैल 2005 में लागू हुई थी, उस वक्त किसकी सरकार थी? फिर वह बोले कि, जब 2019 में कर्मचारियों के संगठनों के साथ बातचीत हुई थी तब उन्होंने ये कहा था कि योजना कम से कम ऐसी हो कि कर्मचारियों को कम से कम 8 फीसदी ही ब्याज मिल जाए. तो इसलिए नई पेंशन के तहत अब कर्मचारियों को 9.32 फीसदी ब्याज मिल रहा है.
यहां अटका है रोड़ा
सुरेश खन्ना पुरानी पेशन मामले में सरकार की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि, वेतन के साथ ही पेंशन में राज्य सरकार का 59.4 फीसदी खर्च हो रहा है. इस वजह से विकास कार्यों के लिए अधिक धनराशि मुहैया होने में परेशान उठानी पड़ रही है. इसी के बाद सुरेश खन्ना ने कहा कि, फिलहाल सरकार का पुरानी पेंशन को बहाल करने का कोई विचार नहीं है. तो इसके बाद नाराजगी दिखाते हुए सपा के लोग सदन से बाहर चले गए.
विधानसभा अध्यक्ष ने ली चुटकी, कही ये बात
वित्त मंत्री के इंकार करने के बाद ही सपा खेमे से सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई और नाराज होकर सदन से बाहर चले गए. तो इतने में ही सपा के कुछ सदस्यों को पूरी तरह से सदन के बाहर न जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने चुटकी ली और झट से बोले, “फर्जी ही बहिर्गमन कर रहे हैं. पूरी तरह से बाहर तो गए नहीं हैं.”