UP Basic Shiksha: टाइम एंड मोशन ने ली एक और परिषदीय स्कूल की सहायक अध्यापिका की जान, तस्वीरों में देखें दर्दनाक हादसा
पूराबाजार। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को परिषदीय स्कूल की एक और सहायक अध्यापिका की जान एक्सीडेंट में चली गई है। मामला अयोध्या जिले के पुराबाजार से सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह शिक्षिका नम्रता सिंह स्कूल जल्दी पहुंचने के चलते ट्रक की चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

देखें पूरा मामला
उत्तर प्रदेश अयोध्या अयोध्या-अम्बेडकर नगर मार्ग पर सुबह करीब साढ़े 9 बजे स्कूटी सवार शिक्षिका नम्रता सिंह पूराबाज़ार के पूर्वी छोर पर ट्रक की चपेट में आ गयी, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक जनपद अंबेडकर नगर कोतवाली मोजनपुर निवासी नम्रता सिंह (27) शिक्षा क्षेत्र मया बाजार के कम्पोजिट विद्यालय दामोदरपुर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। वह अयोध्या शहर में कमरा लेकर रहती थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे स्कूटी से शहर से विद्यालय के लिए निकलीं। वह अयोध्या-अंबेडकनगर मार्ग पर पूरा बाजार के पूर्वी छोर पर श्रीपति सिंह फिलिंग स्टेशन के पास पहुंची कि सड़क व पुल का निर्माण होने से दाहिने तरफ से वाहन पास कराए जा रहे थे। उसी दौरान वह ट्रक के चपेट में आ गई।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक स्कूटी सवार शिक्षिका ट्रक के बाएं चक्के के नीचे दब गई और घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घंटों मार्ग जाम रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और ट्रक को कब्जे में लेकर मार्ग से जाम हटवाया। चौकी इंचार्ज पूरा बाजार राम अवतार राम ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।
शिक्षकों में आक्रोश
शिक्षकों का आरोप है कि डीजी विजय किरन आनन्द के टाइम एंड मोशन के निर्देश के चलते इस तरह के एक्सीडेंट आए दिन हो रहे हैं। हाल ही में तमाम शिक्षकों की मौत एक्सीडेंट के चलते हो चुकी है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाने के लिए शिक्षक घर से जल्दी निकलते हैं, बावजूद इसके उनको हमेशा ये डर सताता रहता है कि कहीं गाड़ी खराब न हो जाए और वो स्कूल पहुंचने में लेट हो जाएं।
इसी वजह से एकाग्र होकर सड़क पर गाड़ी नहीं चला पाते और एक्सीडेंट के शिकार हो रहे हैं। दूसरे बिना स्पष्टीकरण मांगे ही शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी के साथ शिक्षकों ने ये भी कहा कि हम टाइम एंड मोशन या फिर निरीक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर ब्लॉक व जनपद के भीतर ट्रांसफर हो जाए और नजदीक के विद्यालय मिल जाएं तो हम स्कूल भी समय पर पहुंच जाएंगे और बिना किसी तनाव के बच्चों को पढ़ा भी सकेंगे, लेकिन यह व्यवहारिक बातें न तो सरकार को समझ आ रही हैं और न ही उच्चाधिकारियों को। अगर इसी तरह चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश के शिक्षक मानसिक रोगी हो जाएंगे।