Sanatan Dharm: नवंबर महीने में होने जा रहा है 5 ग्रहों का राशि परिवर्तन, देखें आपकी राशि पर क्या होगा बदलाव, जानें सरल उपाय, शुक्रदेव को मजबूत करने को 11 नवम्बर को करें ये कार्य
नवम्बर महीने में पांच ग्रहों का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। इस सम्बंध में आचार्य पं. रवि शास्त्री इस लेख में बताने जा रहे हैं कि नवम्बर माह में कब और कौन-कौन से प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलने वाले हैं।
11 नवंबर को वृश्चिक राशि में गोचर होंगे शुक्रदेव जी
नवंबर महीने में सबसे पहले प्रेम और ऐशोआराम सुख-सुविधा व सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्रदेव अपनी स्वयं की राशि तुला से निकलकर वृश्चिक राशि में गोचर होने जा रहे हैं। 11 नवंबर को शाम 07 बजकर 52 मिनट पर प्रवेश करेंगे। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है उनके जीवन में हमेशा सुख-सुविधा और ऐशोआराम मिलता है। वहीं अगर कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होता है तो व्यक्ति का जीवन अभावों से गुजरता है। कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन माँ दुर्गा की उपासना करें कन्याओ को मीठा खिलायेऔर सुंदर कपड़े पहने दुर्गा सप्तसती का पाठ करें। व्रत रखें और दही,चांदी और चावल आदि का दान करें
13 नवंबर को वक्री मंगलदेव का गोचर
आचार्य बताते हैं कि 13 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 32 मिनट पर वक्री मंगलदेव जी वृषभ राशि में गोचर करेंगे। मान्यता है कि मंगल ग्रह ऊर्जा के कारक माने जाते हैं। कुंडली में मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए भगवान हनुमान की पूजा करनी चाहिए। हनुमान बाहुक के पाठ करे इसके अलावा मंगल ग्रह से संबंधित चीजों का दान करना चाहिए।
बुधदेव जी का गोचर
ज्ञान, वाणी, व्यापार और बुद्धि के कारक ग्रह माने जाने वाले बुधदेव जी 13 नवंबर को ही वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में बुध और मंगल ग्रह का महत्वपूर्ण स्थान होता है। कन्या और मिथुन राशि के स्वामी बुद्धदेव जी 13 नवंबर की रात को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। जिन जातकों की कुंडली में बुधदेव मजबूत होते हैं उन्हें व्यापार और वाणी में महारत हासिल होती है। ऐसे लोग बहुत ही होशियार स्वभाव के होते हैं। कुंडली में बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन हरे रंग के कपड़े पहने और भगवान गणेश की उपासना करें। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करे या संकटनाशन गणेश स्त्रोत्र का पाठ करें।
सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर
ज्योतिष के अनुसार सूर्य हर एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं। बुध के साथ सूर्य भी 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। कुंडली में सूर्य के मजबूत होने पर जातकों को राज सत्ता का सुख प्राप्त होता है।प्रशानिक कार्यो में सफलता प्राप्त होती है कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। पिता का सम्मान करें।
गुरूदेव होंगे मीन राशि में मार्गी
ज्योतिषशास्त्र में गुरु का विशेष स्थान होता है गुरु सबसे ज्यादा शुभ फल देने वाले ग्रह माने जाते हैं। गुरु की दृष्टि में अमृत होता है। वृहस्पति ग्रह 24 नवंबर को गुरुवार के ही दिन अपनी स्वयं की राशि मीन में मार्गी हो जाएंगे। मान्यता है कि कुंडली में गुरु के मजबूत होने पर व्यक्ति को शिक्षा, संतान और विवाह संबंधित कार्यो में सफलता मिलती है। कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन व्रत रखें और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ रहता है।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)