Kanpur: BLO ड्यूटी में लगा दिया गया मृतक शिक्षक को भी, जारी नई सूची में सामने आया नाम, BEO ने ड्यूटी न उठाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की दी चेतावनी, वायरल हुआ मैसेज
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के जिला प्रशासन बेसिक शिक्षकों से बीएलओ कार्य कराने के लिए इस कदर जल्दबाजी में दिख रहे हैं कि न तो वह इस बात का ख्याल रख रहे हैं कि स्कूल बंद होंगे या नहीं और न हीं बच्चों की पढ़ाई के नुकसान का विचार कर रहे हैं। और तो और मृतक शिक्षकों का नाम भी ड्यूटी में शामिल कर रहे हैं। ये ताजा मामला बुधवार को ही सामने आया है।
इससे ये साफ होता है कि जिला प्रशासन बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिक्षकों और स्कूल की स्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं ले रहा है। इसी दौरान एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो कि खंड शिक्षाधिकारी कल्याणपुर कानपुर का बताया जा रहा है। इस मैसेज में साफ लिखा है कि जो शिक्षक बीएलओ ड्यूटी नहीं उठाएगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सुरजीत सिंह ने कहा कि इस के बारे में कल्याणपुर खंड शिक्षाधिकारी से बात करेंगे। किसी भी शिक्षक पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाएगी।

तो वहीं बुधवार को जारी एक लिस्ट में घाटमपुर के शिक्षक सुनील सिंह (3038) का नाम भी बीएलओ में शामिल किया गया है। शिक्षकों ने बताया कि सुनील सिंह की मृत्यु हो चुकी है और उनका भी नाम लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। इसी तरह कल्याणपुर खंड से भी एक शिक्षक का नाम बीएलओ कार्य के लिए लगा दिया गया था, जिनका निधन हो चुका है। इसकी जानकारी सामने आते ही, शिक्षकों ने इस गलती का सुधार कराया। बावजूद इसके जिला प्रशासन से ये भारी चूक हो ही गई। हालांकि इस बारे में पूर्व में भी सामने आ चुका है कि जिला प्रशासन ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से जानकारी लिए बगैर ही सभी शिक्षकों की बीएलओ में ड्यूटी लगा दी, जिसकी वजह से पूरा बेसिक शिक्षा विभाग तनाव ग्रस्त हो गया है और स्कूल बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं।
तो दूसरी ओर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक चंद्रदीप सिंह यादव का कहना है कि शिक्षक बीएलओ कार्य करने से मना नहीं कर रहे हैं, लेकिन शिक्षक स्कूल भी बंद नहीं करना चाहते। ऐसे में जिला प्रशासन से मांग है कि प्रधानाध्यापकों, एकल विद्यालय वाले शिक्षकों, दिव्यांगों और बीमार शिक्षक-शिक्षिकाओं को बीएलओ कार्य से मुक्त रखा जाए, ताकि स्कूल बंद न हो सकें। पठन-पाठन का कार्य भी सुचारु रूप से चलता रहे। इसी के साथ शिक्षकों की मांग है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी बीएलओ कार्य में लगाएं ताकि किसी भी तरह से न तो बीएलओ कार्य प्रभावित हो और न ही परिषदीय स्कूलों का पठन-पाठन।
यहां देखें लिस्ट, जिसमें मृतक शिक्षक का शामिल किया गया है नाम
