UP: जाट लैंड के भूपेंद्र सिंह चौधरी बने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, प्राथमिक विद्यालय से पूरी की है प्रारम्भिक शिक्षा, जानें कैसा रहा है 1989 से लेकर अब तक का राजनीतिक सफर
यूपी (उत्तर प्रदेश) के नए भाजपा अध्यक्ष बनाए गए भूपेंद्र सिंह चौधरी पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़ रखते हैं। भूपेंद्र के कारण ही विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के बाद भी शानदार जीत हासिल की थी। वह जाट बिरादरी और पश्चिमी यूपी में मजबूत पकड़ रखते हैं। यही वजह है कि पश्चमी यूपी में भाजपा की मजबूत जमीन बनाने में वह काफी सहयोगी रहे हैं।
1999 में हारने के बाद भी भाजपा का बरकरार रहा है भरोसा
भूपेंद्र चौधरी ने 1999 में सपा संस्थापक मुलायम सिंह के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इसमें हार के बाद भी बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी पर पूरा भरोसा बनाए रखा। इसका असर आज भी देखने को मिल रहा है।
योगी सरकार में दूसरी बार बनाए गए मंत्री
मीडिया सूत्रों के मुताबिक यूपी में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी को भी योगी सरकार में दूसरी बार मंत्री बनाया गया था। इससे पहले उन्होंने संगठन में लंबे समय तक काम किया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी भी उन्होंने बखूबी निभाई है। पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट जाट लैंड के रूप में भी जाना जाता है। भूपेंद्र चौधरी इसी जाट लैंड के रहने वाले हैं।
प्राथमिक स्कूल से पूरी की प्रारम्भिक शिक्षा
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का जन्म मुरादाबाद जिले के महेंद्री सिंकदरपुर गांव में साल 1966 में एक किसान परिवार में हुआ था। चौधरी की शुरुआती शिक्षा गांव के ही प्राथमिक स्कूल में हुई और फिर मुरादाबाद के आरएन इंटर कॉलेज से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद वह विश्व हिंदू परिषद से जुड़ गए और फिर 1991 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की। फिलहाल वह यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्हें 10 जून 2016 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य चुना गया था। वह बीजेपी के 2012 में पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे हैं।
कुछ इस तरह रहा है चौधरी का राजनीतिक सफर
1989 में जुड़े थे भारतीय जनता पार्टी से।
1990 में जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद मुरादाबाद बने।
1994 में कोषाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद बने।
1995 में भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद के महामंत्री चुने गए।
1996 से 2000 तक जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद रहे।
1999 में संभल से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी रहे।
2000-2007 तक मंडल संयोजक भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद रहे।
2007-2011 में भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय मंत्री पश्चिम उत्तर प्रदेश रहे।
2011-2018 में भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहे।
2016 में विधान परिषद सदस्य रहे हैं।
2017 में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार पंचायती राज एवं निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश रहे।
2019 में कैबिनेट मंत्री पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार रहे।
25 मार्च 2022 से कैबिनेट मंत्री पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश रहे हैं।