Lucknow: नारी शक्ति का सम्मान…रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट व तत्सत् सेवा संस्थान के कार्यक्रम में बेटियों ने लघु नाटिका ने दिया ये संदेश
Lucknow: ‘रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट’ एवं ‘तत्सत् सेवा संस्थान’ के संयुक्त तत्वावधान में आज हजरतगंज स्थित उद्यान भवन सभागार में ‘नारी अस्तित्व सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया. इस मौके पर शरणालय गृह की बेटियों ने लघु नाटिका “देना ही पाना” से संदेश दिया कि महिलाओं को पुरुषों से कमतर नहीं आंकना चाहिए.
एक महिला घर-गृहस्थी के काम करने के साथ ही बिजनेस और नौकरी कर परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकती है. इसी के साथ ही बेटियों ने संदेश दिया कि जब हम समाज के हित के कार्य करते हैं तो वो हमारे लिए भी लाभकारी होता है.
“अस्तित्व की पहचान, राष्ट्र का स्वाभिमान” के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 70 महिलाओं और विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया. तो वहीं समारोह का आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे. नन्हे कलाकारों ने अपनी नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया.

विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना पर आधारित एक लघु नाटक (Skit) की प्रस्तुति की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ जागरूक भी किया. बच्चों के इस अभिनय की मुख्य अतिथि डॉ. शुचिता चतुर्वेदी (पूर्व सदस्य राज्य बाल अधिकार संगक्षण आयोग) ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की.
कार्यक्रम की आयोजक कोमल मद्धेशिया (संस्थापक, रोशनी एक उम्मीद) ने सभी का स्वागत करते हुए ट्रस्ट के प्रयासों पर प्रकाश डाला. ममता सिंघल (मेरठ) के मार्गदर्शन में कार्यक्रम कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ. संयोजक अभय श्रीवास्तव (अध्यक्ष, ततसत् सेवा संस्थान) ने आभार व्यक्त किया. अंत में रविंद्र सिंह और अंकित साहू के सहयोग की सराहना की गई.

ये विशिष्ट अतिथि हुई शामिल
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. शुचिता चतुर्वेदी (सदस्य, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग) ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर डॉ. प्रवीण सिंह जादौन (निदेशक, उ.प्र. राज्य निर्माण सहकारी संघ), डॉ. जी.पी. गुप्ता (निदेशक, स्वास्थ्य भवन), सुधा (डिस्ट्रिक्ट जज, लोक अदालत रायबरेली) और स्वाति गुप्ता (अपर निदेशक, पंचायती राज, उ.प्र.), सुरेन्द्र सिंह चौहान बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे.
विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इन कर्मठ महिलाओं का हुआ सम्मान
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने धरातल पर कार्य कर समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश की है. डॉ. अनुराधा मणि शुक्ला (मोटा अनाज उद्यमी), जया श्रीवास्तव (लोक गायिका), मधुमिता (प्रिंसिपल), वन्दना सिंह (नृत्यांगना), सीमा सिंह चौहान, विभा सिंह, प्रियंका अश्वनी मिश्रा (एडवोकेट) और अर्चना शर्मा शुक्ला (पत्रकार) सहित कुल 70 विभूतियों को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया.
इन बेटियों ने दी प्रस्तुति
काजल एक, काजल दो, मोहिनी, मीणा, ऋतू, राधिका, कोमल, मीनू, युसरा , शांति, रिया और शहनाज़ ने लघु नाटिका “देना ही पाना” है की प्रस्तुति दी और समाज को संदेश दिया कि हमें पहले किसी को देना सीखना चाहिए तब हमें किसी से लेने की उम्मीद करनी चाहिए. इसी के साथ ही बेटियों ने ये भी संदेश दिया कि लोग कहते हैं कि महिला ही महिला की दुश्मन है पर ऐसा नहीं है, अब सोच बदल रही है और एक महिला दूसरी महिला की मदद कर रही है. नाटिका लेखन और डायरेक्शन ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट (HUM) के गौरी शर्मा व शाश्वत शुक्ला द्वारा किया गया. नाटिका ने कार्यक्रम में बहुत सराहना बटोरी.
— Archana Sharma Shukla (@archanasharmas6) March 15, 2026