आधी रात 200 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर…सुबह होने से पहले ही मलबा तक उठा ले गया प्रशासन-Video

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Varanasi: भगवान भोले की नगरी वाराणसी में सोमवार को देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 साल पुरानी मस्जिद को बुलडोजर चला कर ढहा दिया. बड़ी बात तो ये रही कि सुबह होने से पहले ही प्रशासन ने मलबा भी उठवा दिया है और जमीन को इस तरह से समतल कर दिया कि लग ही नहीं रहा है कि मौके पर कभी मस्जिद भी थी.

दरअसल काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और मल्टी-मॉडल टर्मिनल प्रोजेक्ट के बीच में करीब दो सौ साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद आ रही थी. इसको हटाने के लिए रात करीब 11.15 बजे अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ पहुंचे और मात्र एक घंटे में मस्जिद का पूरा ढांचा ढहाकर मलबा तक हटा दिया. फिलहाल इस कार्रवाई पर मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

गोपनीय रखी गई थी ये कार्रवाई

बता दें कि मस्जिद पर हुई इस कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था. मीडिया या बाहरी लोगों को परिसर में प्रवेश के लिए अनुमति नहीं दी गई थी. कार्रवाई के वक्त मौके पर जॉइंट सीपी शिव हरि मीणा मौजूद रहे. साथ ही आधा दर्जन आईपीएस अधिकारी व सैकड़ों पुलिसकर्मी और पैरा मिलिट्री फोर्स भी मौजूद रहे. बताया जा रहा है कि मौके पर करीब 1000 सुरक्षाबल मौजूद रहे. ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके. पांच जेसीबी और दो पोकलैंड मशीनों से मस्जिद को गिराया गया.

ध्वस्तीकरण के दौरान डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी विजय प्रताप समेत कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रही लेकिन इससे पहले आस-पास के पूरे इलाके का निरीक्षण किया गया. कानून व्यवस्था पर किसी तरह का असर न पड़े, इसलिए अफसरों ने खुद कमान संभाली और मस्जिद के ढहाए जाने से लेकर मलबा उठाने तक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.

स्टेशन विस्तार का है बड़ा प्रोजेक्ट

बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन को 330-400 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित करने का काम किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ट्रेन के साथ ही मेट्रो, बस और जल परिवहन को एक ही जगह पर लिंक करना है. ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो और एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सके. कुल मिलाकर यात्रियों को सुविधा देने के लिए यह मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है. इस योजना के आगे रोड़ा बन रहे किसी भी अतिक्रमण को तेजी से हटाया जा रहा है.

माना जा रहा है कि भविष्य के लिए ये मेगा प्रोजेक्ट यात्रियों और शहरवासियों के लिए काफी लाभदायक होगा और शहर की यातायात व्यवस्था को ठीक करेगा.

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