Drishti IAS: विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, एक और विवादित वीडियो हुआ वायरल, कहा “भगवान को एजेंट की जरूरत क्यों”, देखें वीडियो, जानें क्या बोला ब्राह्मण पुजारी को लेकर

November 13, 2022 by No Comments

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दृष्टि IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति के विवादित बयान वाला एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे पहले माता सीता और भगवान राम के खिलाफ दिए विवादित बयान पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। तो वहीं एक अन्य वीडियो में वह ये कहते दिख रहे हैं कि भगवान तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एजेंट या फिर किसी वर्ण विशेष के व्यक्ति की जरूरत क्यों।

बता दें कि जौनपुर पुलिस ने माता सीता और भगवान राम के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर 11 नवम्बर को ही विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तो वहीं वायरल एक ताजा वीडियो में वह एक वर्ग विशेष (ब्राह्मणों) को घेरते नजर आ रहे हैं। क्योंकि वह इस वीडियो में जिसे एजेंट बता रहे हैं, वह पूजा-पाठ कराने वाला पुरोहित, अर्थात ब्राह्मण है।

जरा देखें वह क्या कह रहे हैं इस वीडियो में और एक तर्क के माध्यम से आप ही तय करें कि कितना सही बोल रहे हैं विकास दिव्य कीर्ति

वायरल ताजा वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति ने कहा है, “भगवान ने अगर सबको बनाया है तो भगवान को मेरी बात सुनने के लिए एजेंट की जरूरत क्यों है। किसी एजेंट या बिचौलिए (यहां उन्होंने बिना नाम लिए ब्राह्मण पुजारियों को टारगेट किया है) की जरूरत क्यों है। सीधे मेरी बात क्यों नहीं पहुंचती है। भगवान ने यदि सभी भाषा बनाई है तो सिर्फ संस्कृत ही क्यों चाहिए। भगवान को हिंदी क्यों समझ में नहीं आती। अगर भगवान ने सबको बनाया है तो फिर उनको एक वर्ण विशेष के व्यक्ति ही क्यों चाहिए बात पहुंचाने के लिए।” अब उनकी इन सभी बातों पर एक तर्क देखें और खुद ही तय करें कि वह कितना सही बोल रहे हैं और कितना जहर घोल रहे हैं लोगों के दिमाग में ब्राह्मणों व सनातन धर्म के खिलाफ।

क्या मुस्लिम या फिर अन्य धर्म के लोग भी संस्कृत भाषा में ही पूजा करते हैं। या फिर क्या सभी ब्राह्मणों को ही पूजा-पाठ कराने के लिए बुलाते हैं। यहां बता दें कि जो जिस धर्म का होता है, उसकी अपनी मान्यताएं होती हैं और वो व्यक्ति अपने धर्म की मान्यता के अनुसार अपनी भाषा में प्रार्थना करता है। मतलब अगर कोई मुस्लिम है, तो वह उर्दू में इबादत करता है और उसकी मान्यता है कि अल्लाह उर्दू में ही इबादत समझते हैं।

इसी तरह अन्य धर्मों की भी मान्यता है। ठीक उसी तरह सनातन धर्म की मान्यता है कि भगवान संस्कृत भाषा में समझते हैं। इसीलिए जितनी भी धार्मिक पुस्तकें है, वो संस्कृत भाषा में ही छापी गईं। रही बात एजेंट की तो, आप ही बताएं क्या सिर्फ हिंदू धर्म में ही पुजारी होते हैं, क्या अन्य धर्म में पूजा-पाठ या इबादत कराने के लिए मौलवी या पादरी नहीं होते। फिर सिर्फ ब्राह्मणों को ही विकास दिव्य कीर्ति टारगेट क्यों कर रहे हैं। जो व्यक्ति जिस धर्म या जाति विशेष का है, वो परम्परागत जो चीजे चली आ रही है, उसे फॉलो कर रहा है। फिर इनको इतनी दिक्कत सिर्फ सनातन धर्म व ब्राह्मणों से ही क्यों है। ये सोचने वाली बात है। कहीं न कहीं समाज में धर्म व जाति विशेष के खिलाफ लोगों के मन में जहर घोलने का कामन कर रहे हैं विकास दिव्य कीर्ति।

यहां देखें वीडियो

पुराना वीडियो, जिसमें भगवान राम और माता सीता को लेकर कही आपत्तिजनक बात