Kanpur Bikeru Case: खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, जानें कब होगी रिहाई, वारदात में कितनों को हुई थी जेल और कितनों का एनकाउंटर, अखिलेश ने भाजपा पर साधा निशाना, देखें वकील का वीडियो
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए बिकरू कांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में षडयंत्र के आरोप में करीब 30 महीने से जेल में बंद मृतक अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। हत्या, साजिश समेत 17 मामलों में खुशी को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्विट किया है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को करीब 30 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई। न्यायिक व कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खुशी की जेल से रिहाई होगी। इसमें एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है। कोर्ट के आदेशानुसार खुशी को हर सप्ताह थाने में हाजिरी लगानी होगी।
जानें क्या था बिकरू कांड
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव निवासी कुख्यात विकास दुबे पर दो जुलाई 2020 की शाम लूट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी रात पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बिकरू गांव स्थित उसके घर पर दबिश दी थी। पहले से घात लगाए बैठे विकास दुबे व उसके गुर्गों ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। इस घटना में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने विकास दुबे व अमर दुबे समेत छह बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था।
खुशी के साथ ही 44 आरोपियों को भेजा गया जेल
इस मामले में खुशी के साथ ही 44 आरोपियों को जेल भेजा गया था। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित व विवेक तनखा के मुताबिक बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में खुशी की जमानत पर करीब आधे घंटे की बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने खुशी को जमानत दे दी। तो वहीं कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने आरोपी सुशील तिवारी को भी जमानत दी थी। चूंकि पुलिस ने उस पर एनएसए की कार्रवाई की थी। इसलिए वह जेल से रिहा नहीं हो सका। 22 दिसंबर को आरोपी अभिनव तिवारी की हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर की थी, लेकिन वह भी जेल से बाहर नहीं आ पाया है। सत्यापन आदि की कार्रवाई बाकी है। अब खुशी को जमानत मिली है।
घटना के वक्त नाबालिग थी खुशी
बताया जाता है कि वारदात के बाद पुलिस ने खुशी को हिरासत में लिया था। चार दिन पूछताछ के बाद जेल भेज दिया था। खुशी के वकील ने कोर्ट में दस्तावेजों के आधार पर दावा किया था कि खुशी घटना के वक्त नाबालिग थी। कोर्ट ने इस संबंध में सुनवाई कर इस दावे पर मुहर लगाई थी। इसलिए कुछ दिनों तक उसे संवासिनी गृह में रखा गया था। बाद में जेल में शिफ्ट किया गया था।
घटना से दो दिन पहले ही हुई थी खुशी की शादी
बताया जाता है कि वारदात से दो दिन पहले ही खुशी का विवाह अमर दुबे से हुआ था। विवाह की पार्टी में विवेक दुबे भी शामिल हुआ था और दोनों को आशीर्वाद देते हुए विकास दुबे सहित खुशी दुबे अमर दुबे की फोटो भी वायरल हुई थी।
वारदात में ये पुलिसकर्मी हुए थे शहीद
तत्कालीन बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा, तत्कालीन एसओ शिवराजपुर महेश यादव, दरोगा अनूप कुमार सिंह, दरोगा नेबू लाल, सिपाही जितेंद्र पाल, सिपाही सुलतान सिंह, सिपाही राहुल कुमार व बबलू कुमार।
ये बदमाश एनकाउंटर में हुए थे ढेर
मुख्य आरोपी विकास दुबे सहित अमर दुबे, प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय, प्रेम कुमार पांडेय, अतुल दुबे व प्रवीण दुबे एनकाउंटर में मारे गए थे।
यहां देखें वीडियो, क्या कहा खुशी के वकील ने