Shaken Baby Syndrome: बच्चे को हवा में उछालना हो सकता है खतरनाक, न करें ऐसा जा सकती है जान, देखें क्या कहते हैं डाक्टर, जानें क्या है शेकेन बेबी सिंड्रोम के लक्षण

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Shaken Baby Syndrome: कभी-कभी गोद में खिलाते हुए बच्चों को लोग तेजी से ऊपर की ओर हवा में उछालने लगते हैं लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए. डाक्टर मानते हैं कि ऐसा करना बच्चे के जीवन के लिए खतरा हो सकता है. इसका असर ब्रेन पर सबसे ज्यादा पड़ता है और आपका बच्चा शेकेन बेबी सिंड्रोम का शिकार हो जाता है. इसके जान भी जा सकती है. बच्चे के दिमाग की सेल्स को नुकसान पहुंचता है.

जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

चिकित्सक कहते हैं कि बच्चे नाजुक होते हैं। उनके शरीर का हर हिस्सा कमजोर होता है। क्यों कि इस दौरान बच्चों का विकास हो रहा होता है तो इसलिए दो साल से कम उम्र के बच्चों की गर्दन की हड्डी बहुत ही नाजुक होती है और लचीली होती है। इसके साथ ही बच्चे अपने शरीर पर नियंत्रण भी बनना नहीं जानते हैं। ऐसे में जब आप बच्चे को हवा में उछालते हैं, तो उन्हें अंदरूनी चोट लगने का खतरा बना रहता है। इस दौरान बच्चे का ब्रेन डैमेज हो सकता है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है। डॉक्टर भी कहते हैं कि छोटे बच्चे का सर उनके शरीर से कहीं ज्यादा बड़ा होता है। इसलिए जब आप उन्हें हवा में उछालते हैं, तो प्रेशर उनके मस्तिष्क पर पड़ता है कई बार अंदर से चोट लग जाती है, जो दिखाई नहीं देती, लेकिन अंदर अंदर ही बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

जानें हवा में बच्चे को उछालने से क्या होता है नुकसान

डॉक्टर की माने तो जब आप बच्चे को हवा में उछालते हैं, तो इस दौरान उनका सिर पीछे की तरफ चला जाता है, कई मामले में उनका ब्रेन भी मूव हो सकता है। ब्रेन में इन्फ्लेमेशन होने का भी खतरा रहता है। ब्रेन की ग्रोथ भी रुक सकती है। इसके साथ ही न्यूरोलॉजिकल डिजीज होने का भी खतरा बना रहता है और सबसे ज्यादा चिंता की बात तो यह है कि इन डिजीज का आसानी से पता नहीं चलता।

जानें कैसे करें बचाव

इस स्थिति से बचने के लिए बच्चों को हवा में जोर-जोर से उछालने से बचें। अगर आपके बच्चे में शेकेन बेबी सिंड्रोम से जुड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले डॉक्टर के पास ले जाएं। इस समस्या में इलाज में देरी होने पर बच्चे को जीवनभर परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। (फोटो सोशल मीडिया)

देखें क्या है शेकेन बेबी सिंड्रोम के लक्षण

लकवा या कोमा की स्थित
हड्डियों और पसलियों में फ्रैक्चर
आंख के भीतर ब्लीडिंग
ब्रेन में ब्लीडिंग
रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानियां
सांस लेने में दिक्कत
खाने की आदत में बदलाव
बच्चों में चिड़चिड़ापन
उल्टी और मतली की समस्या
स्किन के रंग में बदलाव
बार-बार बेहोश होना