कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से? जानें कैसे काम करता है ये गिरोह… PM मोदी ने बताए ये स्टेप-Video

October 27, 2024 by No Comments

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PM Modi on Digital Arrest:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश को 115 वीं बार संबोधित किया। इस बार का कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए पीएम मोदी (PM Modi) ने डिजिटल अरेस्ट को लेकर अपने विचार रखे और लोगों को इससे बचने की टिप्स भी दी. इसी के साथ ही आत्मनिर्भर भारत बिरसामुंडा, कार्टून कैरेक्टर छोटा भीम, भारतीय संस्कृति स्वामी विवेकानंद का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति और फिट इंडिया कैंपेन पर भी लोगों को जागरूक किया।

पीएम मोदी ने जताई गहरी चिंता

पीएम मोदी ने मन की बात में डिजिटल अरेस्ट को आज की सबसे बड़ी समस्या बताया. उन्होंने देश में इन दिनों फैल रहे साइबर क्राइम ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर एक जालसाज पुलिसकर्मी का वीडियो दिखाया. इसी के साथ ही एक ऑडियो भी दिखाया, जिसमें पुलिसकर्मी एक आम आदमी को ठगने की कोशिश करता है। इस वीडियो में एक शख्स पुलिस की वर्दी में नज़र आ रहा है और वो आम आदमी से उसका आधार कार्ड मांगता है।

प्रधानमंत्री ने इस वीडियो को लेकर कहा, “ये ऑडियो सिर्फ जानकारी के लिए नहीं है, ये मनोरंजन के लिए नहीं है, ये ऑडियो एक गहरी चिंता लेकर आया है। अभी आपने जो बातचीत सुनी, वो ‘डिजिटल अरेस्ट’ (digital arrest) के फर्जीवाड़े के बारे में है। ये बातचीत एक पीड़ित और एक जालसाजों के बीच हुई है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ के फर्जीवाड़े में कॉल करने वाले पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स, आरबीआई जैसे कई लेबल लगाकर फर्जी अधिकारी बनकर बात करते हैं और बड़े आत्मविश्वास के साथ करते हैं। ‘मन की बात’ के कई श्रोताओं ने मुझसे कहा कि इस पर चर्चा ज़रूर होनी चाहिए।

जानें कैसे काम करता है ये गिरोह?

पीएम मोदी ने कहा कि आइए मैं आपको बताता हूँ कि ये धोखेबाज़ गिरोह कैसे काम करता है, ये खतरनाक खेल क्या है? ये समझना आपके लिए तो बहुत ज़रूरी है ही, दूसरों के लिए भी समझना उतना ही जरूरी है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पहली चाल, वो आपकी निजी जानकारी इकट्ठा कर रख लेते हैं। “आप पिछले महीने गोवा गए थे न? आपकी बेटी दिल्ली में पढ़ती है न?” वो आपके बारे में इतनी जानकारी इकट्ठा करते हैं कि आप दंग रह जाएंगे।

पीएम मोदी ने आगे बतााय कि दूसरी चाल यह है कि डर का माहौल बनाओ, वर्दी, सरकारी दफ्तर का सेटअप, कानूनी धाराएं, ये आपको फोन पर बातचीत में इतना डरा देंगे कि आप सोच भी नहीं पाएंगे। और फिर शुरू होती है इनकी तीसरी चाल, समय का दबाव, ‘आपको अभी फैसला करना होगा, वरना आपको गिरफ्तार होना पड़ेगा।‘ये लोग पीड़ित पर इतना मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं कि वो डर जाता है। डिजिटल गिरफ्तारी के शिकार हर वर्ग, हर उम्र से हैं। डर के कारण लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई लाखों रुपये गंवा दिए हैं। अगर आपके पास कभी ऐसा कॉल आए तो आपको डरना नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्पष्ट तौर पर बताते हुए कहा कि आपको पता होना चाहिए कि कोई भी जांच एजेंसी कभी भी फोन कॉल या वीडियो कॉल पर इस तरह पूछताछ नहीं करती है।

पढ़ें सुरक्षा के तीन स्टेप

पीएम मोदी ने डिजिटल अरेस्ट को लेकर कहा कि मैं आपको डिजिटल सुरक्षा के तीन स्टेप बताता हूँ। ये तीन स्टेप हैं- ‘रुको-सोचो-कार्रवाई करो। कॉल आते ही ‘रुको’- घबराओ नहीं, शांत रहो, जल्दबाजी में कोई कदम मत उठाओ, अपनी निजी जानकारी किसी को मत दो, हो सके तो स्क्रीनशॉट लेकर रिकॉर्डिंग कर लो। इसके बाद आता है दूसरा स्टेप, पहला स्टेप था ‘इंतजार करो’,दूसरा स्टेप है ‘सोचो।

कोई सरकारी एजेंसी फोन पर नहीं धमकाती

पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी इस तरह फोन पर नहीं धमकाती, न वीडियो कॉल पर पूछताछ करती है, न इस तरह पैसे मांगती है. पीएम मोदी ने कहा कि अगर आपको डर लगता है, तो समझ लीजिए कि कुछ गड़बड़ है और पहला स्टेप, दूसरा स्टेप और अब मैं कहता हूं तीसरा स्टेप। पहले स्टेप में मैंने कहा, ‘इंतजार करो’, दूसरे स्टेप में मैंने कहा, ‘सोचो’और तीसरे स्टेप में मैं कहता हूँ, ‘कार्रवाई करो’।

डायल करो ये नम्बर

पीएम मोदी ने कहा कि कभी भी इस तरह की स्थिति में अगर फंसते हैं तो नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 डायल करो और रिपोर्ट करो। परिवार और पुलिस को सूचित करो, सबूत सुरक्षित रखो। ‘इंतजार करो’, बाद में ‘सोचो’, और फिर ‘कार्रवाई करो’, ये तीन स्टेप आपकी डिजिटल सुरक्षा के रक्षक बनेंगे। पीएम ने आगे कहा कि “मैं फिर कहूंगा कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है, ये सिर्फ धोखाधड़ी है, छल है, झूठ है, बदमाशों का गिरोह है और ऐसा करने वाले समाज के दुश्मन हैं। डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर चल रही धोखाधड़ी से निपटने के लिए विभिन्न जांच एजेंसियां ​​राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इन एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र की स्थापना की गई है।

ब्लॉक किए गए मोबाइल फोन और बैंक खाते

पीएम मोदी ने आगे बताया कि ऐसी धोखाधड़ी करने वाले हजारों वीडियो कॉलिंग आईडी एजेंसियों द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है. लाखों सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक खाते भी ब्लॉक किए गए हैं। पीएम ने कहा कि एजेंसियां ​​अपना काम कर रही हैं, लेकिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर हो रही ठगी से बचने के लिए बहुत जरूरी है कि हर कोई जागरुक हो. जो लोग इस तरह की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, उन्हें इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताना चाहिए।

चलाएं ये अभियान

पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए आप हैशटैग सेफ डिजिटल इंडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी के साथ वह बोले कि मैं स्कूलों और कॉलेजों से भी कहूंगा कि वे साइबर ठगी के खिलाफ अभियान में छात्रों को शामिल करें। समाज के सभी लोगों के प्रयास से ही हम इस चुनौती का सामना कर सकते हैं।” इस तरह से पीएम मोदी ने पूरे देश को इसके बारे में सावधान रहने और जागरुक होने के लिए कहा.

 

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