“तू UPSC पास हो गया…” जंगल में भेड़ चरा रहे युवक के पास आया फोन और बदल गई दुनिया, भावुक कर देने वाला Video वायरल

April 26, 2025 by No Comments

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UPSC-2024: गोद में भेड़ का बच्चा और आस-पास बड़ी संख्या में जंगल में चरती भेड़ें… सिर पर टोपी, कंधे पर शॉल और माथे पर लम्बा का तिलक…भेड़ों को चराने वाले बिरदेव डोने के पास एक फोन गया और जब उसे बताया गया कि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC-2024 की परीक्षा पास कर ली है और उनकी 551वीं रैंक आई है और वह IPS अधिकारी बन गए हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

इस खबर ने न केवल इस युवक की जिंदगी को बदल दिया बल्कि पूरे गांव में खुशियां छा गईं. इसी के साथ ही  उन युवाओं के लिए भी ये खबर प्रेरणास्रोत बन गई जो संसाधनों के अभाव का बहाना बनाकर देश की इस बड़ी परीक्षा के लिए प्रयास तक नहीं करते.

कागल तालुका के पहले शख्स बनें बिरदेव

बता दें कि हाल ही में यूपीएससी का रिजल्ट सामने आया है. इस परीक्षा में महाराष्ट्र के कोल्हापुर के कागल तालुका के यमगे गांव के 27 साल के बिरदेव डोने ने भी सफलता हासिल की है और 2024 में यूपीएससी की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 551वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. कागल तालुका से पहले IPS बनने वाले शख्स बन भी बन गए हैं.

देश की सेवा करेगा बेटा

बता दें कि UPSC रिजल्ट 22 अप्रैल को जारी हुआ था और इस दिन यमगे गांव में खुशी का माहौल था. ढोल बजाए जा रहे थे और मिठाइयां बंट रही थी. चारो तरफ बस बिरदेव का ही नाम गूंज रहा था. आखिर ऐसा हो भी क्यों न, बिरदेव इस गांव के पहले IPS बनने वाले युवक जो हैं. जहां इस खास मौके पर गांव वाले उनको अपना आदर्श बता रहे थे तो वहीं उनके पिता ने कहा, “हमारे सपने पूरे हो गए. बेटा देश की सेवा करेगा.”

पिता के साथ जंगल में चराते थे भेड़

बिरदेव डोने एक सामान्य भेड़पालक समुदाय से आते हैं. उनके पिता भी चरवाहे हैं. हालांकि पिता सिद्दापा डोने खुद भी पढ़े-लिखे थे, लेकिन परिवार चलाने के लिए भेड़पालक का काम करते थे. बचपन बिरदेव भी पिता के साथ जंगल में भेड़ें चराने के लिए जाते थे, लेकिन पढ़ने की लगन हमेशा उनके अंदर बनी रही. हालांकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई के आड़े आती रही लेकिन यहां किस्मत ने साथ दिया और बिरदेव के भाई का सेना में चयन हो गया और फिर बिरदेव की पढ़ाई में उनके भाई आर्थिक मदद करते रहे.

सरकारी स्कूल में हुई शुरुआती पढ़ाई

बिरदेव की शुरुआती पढ़ाई उनके गांव यमगे के ही सरकारी स्कूल में हुई. इसके बाद मुरगुड के शिवराज कॉलेज से 12वीं और फिर पुणे के COEP कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. उनके मन में कुछ बनने का सपना हमेशा से ही रहा. उनके सपने को आगे बढ़ाने के लिए उनके घरवालों ने सहयोग किया और फिर UPSC की तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली की कोचिंग में दाखिला लिया. हालांकि इस दौरान वह काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे.

मैथ्स में मिले थे 100 में से 100 नंबर

बिरदेव शुरू से ही पढ़ने में तेज थे. कक्षा-10 और 12 में उन्होंने अपने केंद्र में टॉप किया था और कमाल की बात ये रही कि दोनों ही बार गणित में उनको 100 में से 100 नंबर मिले थे. हालांकि एक बार उन्होंने नवोदय में दाखिले के लिए परीक्षा दी थी लेकिन इसमें वह असफल रहे थे लेकिन हार नहीं मानी और फिर टीवी, खेलों और मोबाइल से दूरी बनाकर पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस किया और आज पूरे देश में बिरदेव ने अपने घर-परिवार के साथ ही गांव का भी नाम रोशन कर दिया है.

सोशल मीडिया पर बिरदेव के भावुक कर देने वाले कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि उनके अंदर संस्कार कूट-कूट कर भरा हुआ है. एक वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि गांव वाले उनके ऊपर फूलों की बारिश कर रहे हैं तो वहीं वह अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं.

यूपीएससी टॉपर ने बिरदेव की सफलता पर कही ये बात

बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का अंतिम रिजल्ट घोषित किया गया था और इस बार देश की सबसे बड़ी परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने पहला स्थान (AIR-1) हासिल किया है. बिरदेव की सफलता पर शक्ति दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बिरदेव का वीडियो शेयर करते हुए लिखा…”चरवाहे से अफसर तक का अद्भुत सफर…वाकई प्रेरणादायक.”

एक अन्य पोस्ट में शक्ति दुबे ने लिखा, “What’s a better example of what education can do…” यानी शिक्षा क्या कर सकती हैं इससे बेहतर उदाहरण क्या हो सकता हैं…!!

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