राजस्थान में फाइटर प्लेन क्रैश…दोनों पायलट की मौत; जानें कहां जाता है मलबा?-Video
Rajasthan Fighter Plane Crashed: राजस्थान के चूरू जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां रतनगढ़ कस्बे के पास भारतीय वायुसेना (IAF) का फाइटर प्लेन क्रैश होने के बाद आस-पास से इलाके में भगदड़ मच गई. हालांकि किसी भी नागरिक सम्पत्ति का कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन दोनों पायलटों की मौत हो गई है. यह हादसा भानोदा गांव के पास हुऔ है. हादसे के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची. तो वहीं गांव के लोग भी इकठ्ठा हो गए हैं.
इस हादसे को लेकर वायुसेना की ओर से जारी बयान में बताया गया कि ”भारतीय वायुसेना का एक जगुआर ट्रेनर एयरक्राफ्ट राजस्थान के चूरू के पास नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में दोनों पायलटों की मौत हो गई. किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.”
इसी के साथ ही वायुसेना ने दुर्घटना की जांच की बात करते हुए कहा है, ”भारतीय वायुसेना को नुकसान पर गहरा दुःख है और वह इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है.”
मानव शरीर के मिले अंग मिले
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, राजलदेसर के थानाधिकारी कमलेश का एक बयान वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि विमान दोपहर करीब 1.25 बजे भाणुदा गांव के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ और दुर्घटना स्थल के पास मानव शरीर के अंग मिले हैं. सोशल मीडिया पर हादसे वाली जगह के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि प्लेन के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे दिख रहे हैं और बड़ी भीड़ लगी है. तो वहीं विमान का मलबा जलता हुआ दिख रहा है और धुएं के गुबार उठ रहे हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल महीने में गुजरात के जामनगर जिले में भी भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हुआ था और प्लेन कई टुकड़ों में बंट गया था. यह घटना जामनगर के सुवर्णा रोड गांव के पास हुई थी.
#planecrash
A Jaguar fighter aircraft of Indian Air force crashed near Churu district of Rajasthan police and administrative teams rushed to the spot immediately after the incident one pilot could not be saved and other is quite critical pic.twitter.com/C6NVbMp3jK— 💝🌹💖🇮🇳jaggirmRanbir🇮🇳💖🌹💝 (@jaggirm) July 9, 2025
मलबे की कर दी जाती है नीलामी
हाल में प्लेन क्रैश के मामले अधिक सामने आ रहे हैं. हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में प्लेन क्रैश होकर बिल्डिंग पर जा गिरा था. इस हादसे के बाद लोगों में एक डर सा बैठ गया है. बता दें कि किसी भी प्लेन हादसे के बाद मलबे में से ब्लैकबॉक्स खोजने की कोशिश की जाती है. पहले मलबे की जांच होती है उसके बाद एजेंसियां मलबे में जो पुर्जे काम के होते हैं, उनको खोलकर अलग कर लेती हैं. इसके बाद लैब में उनकी जांच की जाती है और दोबारा इस्तेमाल में इसे लाए जा सकते हैं या नहीं, इसकी जांच की जाती है. बाद में जो भी काम का मलबा नहीं होता है, उसको नीलाम कर दिया जाता है.
प्लेन क्रैश के बाद सबसे पहले किया जाता है ये काम
अक्सर लोगों के दिमग में ये सवाल आता है कि प्लेन क्रैश के बाद सबसे पहले क्या होता है. तो बता दें कि सबसे पहले इमरजेंसी सर्विस को एक्टिव किया जाता है इसके बाद प्लेन क्रैश वाले एरिया को पुलिस सील कर देती है और किसी को भी उस जगह पर जाने की इजाजत नहीं जाती. ताकि कोई भी सबूतों को हाथ लगाकर उनके साथ छेड़छाड़ न कर सके. इसके बाद एजेंसियां विमान हादसे की जांच करती हैं और मलबे का निरीक्षण करती हैं. इसके साथ ही फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर जैसे उपकरणों की तलाश की जाती है और जेट या कोई भी विमान के क्रैश होने की वजह तलाशती है.
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