Dharmendra Death: धर्मेंद्र लम्बे समय से डिस्पेनिया बीमारी से थे ग्रसित… जानें कितनी खतरनाक है ये बीमारी और क्या है इसके लक्षण?

November 24, 2025 by No Comments

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Dharmendra Death: हिंदी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (Dharmendra) का आज यानी 24 नवम्बर 2025 को 89 साल की उम्र में निधन हो गया है. इसी के साथ ही एक युग का अंत हो गया. उनके निधन से पूरा फिल्मी जगत ही नहीं बल्कि देश में भी दुख की लहर दौड़ गई है. वह कुछ समय से सांस लेने में दिक्कत और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. वह सांस की जिस समस्या से ग्रसित थे उसे डिस्पेनिया (dyspnea) कहते हैं. आइए इस स्वास्थ्य समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं.

एक्सपर्ट की मानें तो सांस लेने में जो दिक्कत होती है उसे डिस्पेनिया कहते हैं. यह कोई बीमारी तो नहीं है पर कई अंदरूनी बीमारियों का लक्षण मानी जाती है.  उम्र दराज लोगों में ये दिक्कत अधिक देखी जाती है. सांस लेने में दिक्कत या सांस फूलने की समस्या, कुछ समय से लेकर लंबे वक्त तक के लिए रह सकती है.

सांस या कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम की समस्याओं जैसे अस्थमा, निमोनिया, हार्ट फेलियर या एनीमिया के कारण डिस्पेनिया की समस्या हो सकती है. सोशल मीडिया पर वायरल एक्सपर्ट की राय के मुताबिक, कभी-कभी डिस्पेनिया का पता लगाना और उसका इलाज करना मुश्किल होता है क्योंकि इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं.

जानें क्यों होती है ये दिक्कत?

कई बार सांस लेने में तकलीफ महसूस होने के लिए कई वजह हो सकती है. कभी-कभी अधिक ऊंचाई पर जाने या तापमान में बदलाव के कारण भी कुछ लोगों को सांस की समस्या हो सकती है तो कुछ मामलों में सांस की ये दिक्कत गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकती है.

तो वहीं स्ट्रेस, अस्थमा, सांस की नली में रुकावट, दिल की बीमारी, एनीमिया, एलर्जिक रिएक्शन या आयरन की कमी भी डिस्पेनिया क कारण हो सकती है. इसी के साथ ही ब्लड प्रेशर लो या हाई होन,  हार्ट फेलियर, पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों की आर्टरी में खून का थक्का बनने) भी डिस्पेनिया की समस्या की वजह हो सकती है.

लक्षण

अगर डिस्पेनिया या सांस लेने में हो रही दिक्कत को समय से पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो लाभ मिल जाता है. इसके कुछ आम लक्षण होते हैं. तो वहीं एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर डिस्पेनिया अचानक होती है या लक्षण गंभीर हैं, तो यह किसी गंभीर मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकता है. मसलन…

सांस लेने में दिक्कत महसूस करना.

मेहनत के बाद सांस फूलना.

सांस का तेजी से आना.

सीने में जकड़न

दम घुटने जैसा महसूस होना

घरघराहट या खांसी की समस्या का हमेशा बना रहना.

तेजी से सांस आना.

ऐसे करें बचाव

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें. हालांकि सांस की समस्याओं का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आपको क्या समस्या हो रही है. फिलहाल कभी-कभी होता ये है कि अगर अधिक मेहनत की वजह से सांस फूलने की समस्या हुई तो थोड़ी देर रुकने और आराम करने पर समस्या ठीक हो जाती है. तो वहीं कभी-कभी इसी तरह की समस्या के गंभीर मामलों में व्यक्ति को ऑक्सीजन की मदद तक लेनी पड़ती है. अस्थमा या सीओपीडी वाले लोगों को डॉक्टरी मदद की जरूरत पड़ती है.

कोशिश करें कि केमिकल वाले धुएं और लकड़ी के धुएं से बचें तो वहीं कार्डियोवैस्कुलर और रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत करने के लिए योग-व्यायाम करें. साथ ही सिगरेट आदि के धुएं से भी बचें या फिर इसका सेवन न करें.

DISCLAIMER:यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल एक्सर्ट की राय व विचारों के आधार पर दिया गया है. इसकी पुष्टि खबर स्टिंग नहीं करता. किसी तरह के परमार्श के लिए अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें.

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