VB-G RAM G: विकसित भारत-जी राम जी विधेयक बना कानून…राष्ट्रपति ने दी मंजूरी; श्रमिकों ने कही ये बात-Video

December 21, 2025 by No Comments

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Viksit Bharat G RAM G: विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम दी (VB-G RAM G) विधेयक, 2025 को राष्ट्रपति ने भी अपनी मंजूरी दे दी है. इसी के साथ ही यह विधेयक अब भारत का कानून बन गया है. इसके तहत ग्रामीण परिवारों को जो वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी मिल रही थी उसे अब बढ़ाकर एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन कर दिया गया है. इसके बाद श्रमिकों की प्रतिक्रिया लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

जहां विपक्ष इसको लेकर हंगामा काट रहा है तो वहीं सोशल मीडिया पर कई वीडियो श्रमिकों के वायरल हो रहे है जिन्होंने 125 दिन रोजगार मिलने की गारंटी को लेकर खुशी जाहिर की है.

श्रमिकों से लेकर प्रधानों में भी खुशी की लहर

विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (viksit bharat guarantee for rozgar ajeevika mission gramin) को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों के श्रमिकों और ग्राम प्रधानों ने खुशी जाहिर की है. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के श्रमिक राजपाल ने कहा है कि मजदूरों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजना का स्वागत करता हूं.

यह पहल ग्रामीण रोजगार को मजबूती देगी तो वहीं अलीगढ़ जिले के श्रमिक असगर खां ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार को धन्यवाद है. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के जुग्गा लाल प्रधान ने भी इस योजना का स्वागत किया है और कहा कि इससे श्रमिक अब अपने गांव में रहकर ही सम्मानजनक आजीविका कमा सकेंगे. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भरतौल गांव के प्रधान ने भी मजदूरों के लिए खुशी जताई है और कहा है कि योजना से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और गांव मजबूत होंगे.

जानें क्या है सरकार का उद्देश्य?

बता दें कि ये योजना पहले से ही मनरेगा नाम से चल रही थी लेकिन तब मजदूरों को 100 दिन का काम मिलता था लेकिन अब सरकार ने इसका नाम बदलने के साथ ही 125 दिन का काम दे दिया है. इस योजना को सरकार ग्रामीण जीवन को मजबूत आधार देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है. सरकार ने दावा किया है कि वीबी-जी राम जी कानून लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी.

देर रात तक चली थी संसद में चर्चा

मालूम हो कि इस बिल को लेकर देत रात तक संसद में चर्चा चली थी. विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार जानबूझकर मनरेगा का नाम बदल रही है. विपक्ष का कहना है कि मनरेगा में महात्मा गांधी का भी नाम आता था, इसीलिए भाजपा इस नाम को हटाने के लिए ये बिल लाई है. तो दूसरी ओर सरकार ने कहा कि पहले की योजना में लोगों को 100 दिन का काम दिया जाता था लेकिन अब इस कानून के तहत हर हाल में 125 दिन काम देना आनिवार्य होगा.

सत्ता में आने के बाद कांग्रेस फिर से बदल देगी इसका नाम

तो वहीं बहस के दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और चर्चा के बीच में ही कह दिया कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो वो इसका फिर नाम बदलेंगे. हालांकि संसद में विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बाद बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था. विपक्ष ने संविधान सदन के बाहर पूरी रात धरना भी दिया.

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