AKTU और BRD मेडिकल कॉलेज के बीच MoU…AI और बायो-प्रिंटिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में करेंगे बड़े काम

January 19, 2026 by No Comments

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AKTU and BRD Medical College MoU: इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के बीच की दूरी को खत्म करने और विद्यार्थियों के हित के उद्देश्य से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) लखनऊ और BRD मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है. इस रणनीतिक गठबंधन का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीकी शोध और नैदानिक विशेषज्ञता (Clinical Expertise) को मिलाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को पूरी तरह बदल देना है.

इस महत्वपूर्ण एमओयू पर एकेटीयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडेय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) राम कुमार जायसवाल और एमआरयू, सीटीयू, एआई-हेल्थ एंड इनोवेशन सेल के नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) राज किशोर सिंह द्वारा हस्ताक्षर किया गया.

इस मौके पर प्रो. (डॉ.) जे.पी. पांडेय, कुलपति, एकेटीयू ने कहा कि “यह सहयोग केवल अकादमिक आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक तकनीक विकसित करने का एक मिशन है। एकेटीयू की इंजीनियरिंग शक्ति और बीआरडी की नैदानिक सूझबूझ मिलकर एक तकनीकी रूप से उन्नत भारत की नींव रखेगी।”

तो वहीं प्रो. (डॉ.) राम कुमार जायसवाल, प्रधानाचार्य, बीआरडी ने कहा कि “एआई और बायो-प्रिंटिंग का चिकित्सा ढांचे में समावेश हमारे छात्रों और संकायों को आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अभूतपूर्व उपकरण प्रदान करेगा।”

इस ऐतिहासिक अवसर पर एकेटीयू के वित्त अधिकारी केशव सिंह, बीआरडी के नोडल अधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह, एकेटीयू के डीन (RDIC) प्रो. भावेश कुमार चौहान और सह-डीन डॉ. अनुज कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का होगा विस्तार

एमओयू के तहत स्वास्थ्य-तकनीक (Health-Tech) के क्षेत्र में प्रतिभाओं को निखारने के लिए अन्य प्रयास भी किए जाएंगे…

संयुक्त हैकाथॉन और फैकल्टी डेवलपमेंट: ‘हेल्थ-टेक’ में कुशल पेशेवरों की पाइपलाइन तैयार करना।
छात्र विनिमय कार्यक्रम: 10 छात्रों का पहला बैच स्थापित शोधकर्ताओं के मार्गदर्शन में क्रॉस-इंस्टीट्यूशनल एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेगा।
सहयोगात्मक इंटर्नशिप: शोध अंतराल (Research Gap) को पाटने के लिए छात्रों को दोनों संस्थानों से संयुक्त मेंटर प्रदान किए जाएंगे।

90 दिनों का बना रोडमैप.. तत्काल प्रभाव से लागू होंगी ये परियोजनाएं

पारंपरिक अकादमिक समझौतों के विपरीत, यह सहयोग अगले 1 से 3 महीनों के भीतर उच्च-प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को धरातल पर उतार दिया जाएगा.

बायो-प्रिंटिंग और स्टेम सेल नवाचार: एकेटीयू की बायोटेक इनोवेशन लैब द्वारा विकसित स्टेम सेल उत्पादों का विपणन (Marketing), ताकि गंभीर बीमारियों का प्रभावी इलाज हो सके.

मानसिक स्वास्थ्य के लिए एआई: छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ाने और आत्महत्या रोकथाम के लिए एआई-आधारित मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन टूल की लॉन्चिंग.

मेडिकल डिवाइस इंजीनियरिंग: नए चिकित्सा उपकरणों के डिजाइन में तेजी लाना और ISO 14155:2020 मानकों के अनुरूप वैश्विक स्तर का नैदानिक परीक्षण (Clinical Trials) शुरू करना.

एडवांस्ड पीएचडी प्रोग्राम: बीआरडी फार्मेसी कॉलेज और मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MRU) के संसाधनों का उपयोग कर 5 शोधार्थियों के लिए फार्माकोथेराप्यूटिक्स में पीएचडी की शुरुआत.

बौद्धिक संपदा और पेटेंट: बीआरडी (MRU) से निकलने वाले नवीन चिकित्सा आविष्कारों के लिए पेटेंट प्रक्रिया को सुगम बनाना.

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