…और दर्ज किया जाएगा SC/ST में मुकदमा और UGC कमेटी…4 नम्बर हासिल कर डॉक्टर बनने वालों को डॉ. वर्मा की खरी-खरी -Video
UGC Roll Back: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें डॉ. आरके वर्मा एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बता रहे हैं कि रोहतक के सरकारी मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग (ऑर्थोपेडिक्स) में एक लड़के का चयन आरक्षित वर्ग से हुआ है और उसे 800 में से केवल 4 अंक मिले हैं और उसे डॉक्टर बना दिया गया है तो वहीं सामान्य वर्ग के एक छात्र को 800 में से 585 अंक मिले लेकिन उसे एडमिशन नहीं मिला.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डॉक्टर वर्मा ने आंख खोल देने वाली परिस्थिति का जिक्र किया है. वह इस वीडियो में सवाल खड़े कर रहे हैं कि क्या वाकई 4 नम्बर लाकर डॉक्टर बनने वाला ठीक इलाज कर सकेगा. क्या जब वह 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले के साथ काम करेगा तो क्या वह सहज महसूस कर सकेगा? क्या 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर डॉक्टर बनने वाले और 4 नम्बर पाने वाले के बीच समान व्यवहार हो सकेगा विभाग में?
यही जब नहीं होगा तो एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा या फिर यूजीसी कमेटी से शिकायत की जाएगी. इस वीडियो में वह साफ शब्दों में कह रहे हैं कि पढ़कर ही डॉक्टर बना जाना चाहिए. तो वहीं सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं और कह रहे हैं कि कोई भी किसी भी जाति या धर्म का हो, अगर बचपन से उसे पढ़ाई का माहौल मिलता है तो वह जरूर करियर में अच्छा करेगा लेकिन अगर उसके दिमाग में शुरू से ही आरक्षण का लालच दिया जाए और पढ़ाई से दूर किया जाए तो वह जो मेहनत पढ़ने में कर सकता था वह वो नहीं करेगा.
तो वहीं एक यूजर ने कहा कि इस तरह से डॉक्टर बनने वालों के हाथ से जब किसी की जान चली जाती है तो इनको जेल में डाल दिया जाता है. इस तरह से 4 नम्बर पाने वाले के साथ ही उसके पूरे परिवार के भी सपने टूट जाते हैं. तो वहीं एक अन्य ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई किसी जाति-धर्म वाले के पास नहीं बल्कि हर किसी के पास होती है. सरकार को चाहिए कि सभी को एक समान शिक्षा दे ताकि आरक्षण के नाम पर किसी को डॉक्टर बनने या फिर कोई अन्य नौकरी की जरूरत ही न पड़े.
ये खबर वायरल वीडियो के आधार पर लिखी गई है. इसकी पुष्टि खबर स्टिंग नहीं करता.
डॉक्टर आरके वर्मा ने और क्या कहा, वीडियो में देखें विस्तृत जानकारी
रोहतक के सरकारी मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग (ऑर्थोपेडिक्स) में एक लड़के का चयन आरक्षित वर्ग से हुआ है, जिसे 800 में से केवल 4 अंक मिले हैं। वहीं सामान्य वर्ग के एक छात्र को 800 में से 585 अंक मिलने के बावजूद भी चयन नहीं मिला।
सोचिए, जिसे सिर्फ 4 नंबर मिले हैं, वह किस तरह का… pic.twitter.com/Ihbg3NAjIm
— Pooja Tiwari (@PoojaHindu50) March 25, 2026