CBSE विवाद के बीच री-इवैल्युएशन पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक…सीबीएसई चेयरमैन और सचिव पर एक्शन; राहुल गांधी ने साधा सरकार पर निशाना-Video

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CBSE Re Evaluation: पिछले कुछ दिनों से सीबीएसई (CBSE) से जुड़े विवादों ने सीबीएसई पर खामियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं तो इसी बीच केंद्र सरकार ने CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है. तो वहीं बोर्ड में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक जांच समिति का भी गठन कर दिया गया है.

दूसरी ओर खबर सामने आ रही है कि CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक हुआ है और 2 मिनट में 15 लाख हिट्स देखने को मिले हैं. पोर्टल पर एक लाख बार सेंधमारी की कोशिश की गई है. तो वहीं इस पूरे मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का आरोप लगाया है. बता दें कि इस विवाद के सामने आने के बाद लगातार धर्मेद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा जा रहा है.

बता दें कि सीबीएसई चेयरमैन IAS राहुल सिंह के ऊपर बोर्ड की समग्र कार्य प्रणाली के साथ ही परीक्षा सुधारों की जिम्मेदारी थी तो वहीं सचिव हिमांशु गुप्ता, IAS, प्रशासन, वित्त और संबद्धता (Affiliations) से जुड़े मामलों को देख रहे थे. तो वहीं गठित जांच समिति प्रोक्योरमेंट प्रोसेस, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों की भूमिका की भी समीक्षा करेगी.

तमाम फजीहत और सवालों के बीच CBSE के अंदर हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को अहम माना जा रहा है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लोग इसे बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं. तो वहीं समिति इसको लेकर भी जांच करेगी कि सेवाओं के चयन में सभी तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं. हालांकि केंद्र सरकार की इस कार्रवाई से पीड़ित छात्र और अभिभावक खुश नहीं हैं, उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों की बर्खास्त कर देना चाहिए.

पोर्टल पर सेंधमारी

इसी बीच एक खबर और सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सीबीएसई के री-इवैल्युएशन पोर्टल (CBSE Re-Evaluation) पर इस समय भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है. इसको लेकर बोर्ड ने दावा किया है कि एक समय में 8000 से अधिक स्टूडेंट पोर्टल का इस्तेमाल कर रहे हैं. तो दूसरी ओर पोर्टल को निशाना बनाकर एक बड़े साइबर अटैक का प्रयास भी किया गया है. हालांकि इसे आईटी टीम ने नाकाम कर दिया.

सीबीएसई ने बताया है कि दोपहर 3 बजे तक 16,000 से अधिक छात्र सफलतापूर्वक अपने री-इवैल्युएशन आवेदन जमा कर चुके थे लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने इसी समय पोर्टल को ठप करने के लिए ताबड़तोड़ साइबर हमले किए. दावा है कि हैकर्स ने ‘डिनायल ऑफ सर्विस’ यानी DoS अटैक किया ताकि पोर्टल क्रैश हो जाए. मात्र दो मिनट के अंदर पोर्टल पर करीब 15 लाख हिट्स भेजी गईं. यही नहीं एक लाख से अधिक बार पोर्टल की फाइलों तक अनाधिकृत पहुंच बनाने यानी डेटा में सेंध लगाने का भी प्रयास किया गया. फिलहाल साइबर सिक्योरिटी टीम लगातार निगरानी रखे हुए है.

जानें क्या है विवाद?

बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक सीबीएसई कक्षा 12 के छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया एक्स पर कॉपी जांचने में गड़बड़ी और फिर स्कैन कॉपी बदल जाने की शिकायत की थी. इस पर एक तथाकथित पत्रकार ने बच्चे को पाकिस्तानी बता दिया था लेकिन आरोप गलत पाए जाने पर पत्रकार ने माफी भी मांग ली थी. ये मामला यहीं नहीं थमा, वेदांत के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने इसी बात की शिकायत की और सोशल मीडिया पर खूब वीडियो वायरल हुए.

इसके बाद सीबीएसई सहित केंद्र सरकार में भी हड़कंप मच गया. कई छात्रों ने दावा किया था कि उन्हें धुंधले पेज, गायब सेक्शन और बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं के इस्तेमाल में समस्याओं का सामना करना पड़ा. इसी के साथ ही बच्चों ने ये भी शिकायत की कि उनको जो कॉपी मिली है वो कॉपी उनकी है ही नहीं और न ही उनकी हेंडराइटिंग है.

मामला यहीं नहीं थमा OSM प्लेटफॉर्म और उस टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद तो मामला और भी बढ़ गया. इसी के जरिए डिजिटल मूल्यांकन का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. वेंडर चयन प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और री-इवैल्युएशन सेवाओं में देरी को लेकर चर्चाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया.

सोशल मीडिया से लेकर हर जगह छीछालेदर होते देख CBSE ने आवेदन की समयसीमा बढ़ा दी और फिर कई स्पष्टीकरण जारी किए. साथ ही ये भी कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई हर वास्तविक चिंता की तय प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जाएगी.

ये नहीं है जवाबदेही

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, “CBSE अध्यक्ष – ट्रांसफ़र। CBSE सचिव – ट्रांसफ़र। एक-सदस्यीय “जाँच” समिति – गठित। और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान – सुरक्षित। अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया। यह जवाबदेही नहीं – यह cover-up है। हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो – ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए। अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती – धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।”

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