धीरे-धीरे उनके लिए इस अकेलेपन के साथ जीना मुश्किल होने लगा. वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं और उनको लगा लि वे डिप्रेशन में जा रही हैं.

वैसे इस पूरे मामले को वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय देख रहे हैं. इसी के साथ ही इस मामले में उन्होंने किसी भी तरह टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

मराठा शक्ति का उदय का श्रेय 17 शताब्दी के मध्य छत्रपति शिवाजी के प्रभावशाली नेतृत्व को बताया.